हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से युवक ने मां-बाप की गोद में दम तोड़ा, MP के मंडला में गंभीर लापरवाही उजागर

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती दर्दनाक घटना सामने आई है. अस्पताल ले जाते समय सरकारी एंबुलेंस में अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिससे 21 वर्षीय युवक ने तड़पकर अपने मां-बाप की आंखों के सामने गोद में ही दम तोड़ दिया.

विज्ञापन

मध्य प्रदेश के मंडला जिले से स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही उजागर करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. इलाज के लिए अस्पताल ले जाए जा रहे 21 साल के एक मरीज की एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से तड़प-तड़पकर मौत हो गई. बेबस मां-बाप अपने इकलौते सहारा को अपनी ही गोद में दम तोड़ते देखते रह गए और एंबुलेंस में एक-एक सांस के लिए तरसते बेटे को बचा नहीं सके.
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अजीत बरैया (21 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बम्हनी थाना क्षेत्र के सुनेहरा गांव का रहने वाला था. अजीत का मंडला जिला अस्पताल में नियमित रूप से डायलिसिस चल रहा था. 27 जुलाई को अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाई.

‘क्या सिर्फ रील में माफ करेंगे…’, PM मोदी के बयान पर CJP चीफ अभिजीत दिपके ने उठाया सवाल, पोस्ट वायरल

रास्ते में ही खत्म हो गई सांसों की डोर

अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन सिलिंडर खाली हो गया. ऑक्सीजन का सहारा छूटते ही अजीत की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और एंबुलेंस के अंदर ही उसने अपने माता-पिता की गोद में अंतिम सांस ली. घटना के कुछ दिन बाद सोशल मीडिया पर इस दर्दनाक मंजर का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रोते-बिलखते माता-पिता अपने बेबस बेटे को संभाले नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. परिजनों ने दोषी एंबुलेंस स्टाफ और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

विज्ञापन

अस्पताल में भी नहीं मिली ऑक्सीजन

मृतक युवक के पिता ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पिता का कहना है कि जब उनके बेटे को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी, तब वे उसे लेकर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पहुंचे थे. आरोप है कि वहां बेहद गंभीर स्थिति होने के बावजूद मरीज को ऑक्सीजन नहीं दी गई. इसके बाद मरीज की हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई.

1 घंटे देर से पहुंची एंबुलेंस

पीड़ित पिता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि जब उन्होंने इमरजेंसी में कॉल किया तो एंबुलेंस करीब एक घंटे की देरी से आई. देरी से पहुंची एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था भी पूरी नहीं थी. मंडला जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में अचानक सिलिंडर से ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिससे युवक की तड़पकर मौत हो गई.

विज्ञापन

‘रास्ते में ऑक्सीजन न खत्म होती तो बच जाता बेटा’

रोते हुए पिता ने कहा, ‘मेरा बेटा एंबुलेंस के अंदर एक-एक सांस के लिए तड़प रहा था. अगर एंबुलेंस समय पर आती और रास्ते में उसकी ऑक्सीजन खत्म न हुई होती, तो आज मेरा बेटा जिंदा होता और उसकी जान बच जाती.’ इस घटना ने सरकारी अस्पतालों और एंबुलेंस सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बीमे के 40 लाख रुपये के लिए बीवी को मार डाला, हादसा दिखाने के लिए शव पर चढ़ाई गाड़ी

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola