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‘विधायक जी, बच्चों को लूटना बंद करो…’, बस किराया बढ़ा तो सड़क पर उतरीं छात्राएं, बसें रोककर मनवाई मांग

प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का कहना है कि किराया बढ़ने से रोजाना स्कूल आना-जाना मुश्किल हो गया है. उनका कहना था कि बस संचालकों ने मनमाने तरीके से किराया बढ़ाया है.

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मध्य प्रदेश के विदिशा में बसों का किराया बढ़ाने के विरोध में जेन-अल्फा छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया. सिरोंज शहर की स्कूली छात्राएं बस स्डैंड पहुंचकर एक बस के आगे खड़ी हो गईं. स्कूली छात्राओं ने स्थानीय भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की. वहां पर उन्होंने नारे लगाए,’विधायक जी, किराया कम करो… बच्चों को लूटना बंद करो.’

बड़ी संख्या में छात्राओं ने बस स्टैंड पर पहुंचकर प्रदर्शन किया. बताया जा रहा है कि करीब आधे घंटे तक बस स्टैंड पर आवागमन ठप रहा. छात्राओं के इस प्रदर्शन की जैसी ही जानकारी मिली, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने वहां छात्राओं को समझाने की कोशिश की. मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम ओम नारायण बड़कुल मौके पर पहुंचे और छात्राओं से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं.

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प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का कहना है कि किराया बढ़ने से रोजाना स्कूल आना-जाना मुश्किल हो गया है. उनका कहना था कि बस संचालकों ने मनमाने तरीके से किराया बढ़ाया है. स्कूली छात्राओं ने अपनी स्कूल छोड़कर बढ़े हुए किराए के खिलाफ प्रदर्शन किया.

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छात्राओं के मुताबिक पहले जिस बस का किराया 10 से 15 रुपए था, अब उसमें बढ़ा दिया गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों से स्कूल आने वाली छात्राओं पर असर पड़ रहा है. छात्राओं के प्रदर्शन के बाद बस संचालकों ने फिलहाल स्कूली बच्चों के लिए किराया कम कर दिया है.

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बता दें, नीट-यूजी पेपर लीक के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शन किया था. छात्र कई महीनों तक प्रदर्शन पर बैठे रहे. संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था. जिसे बाद छात्रों में गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया. इसके बाद कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दल भी छात्रों के साथ आ गए थे. इसके बाद आखिर में सरकार को छात्रों के आगे झुकना पड़ा. धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा. इसके साथ ही सरकार ने छात्रों को दूसरी मांगों को भी माना.

इस प्रदर्शन के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसे ही प्रदर्शन की खबरें आई हैं. यूपी के हमीरपुर, फतेहपुर, पीलीभीत, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र के पालघर में भी स्कूली बच्चों का ऐसा प्रदर्शन देखना को मिला था. कहीं बच्चों ने स्कूल में गंदगी, खराब मिड-डे मील तो कहीं स्कूली तक जाने के लिए सड़क की मांग की थी.

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First published on: Aug 13, 2026 06:43 PM

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