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12 जिंदगियां छीनने वाले मंदसौर हादसे का असली सच; वैन कैसे बनी जानलेवा?

बाइक से टक्कर होने के बाद वैन कुएं में गिर गई और हादसे में वैन सवार 10 लोग मारे गए। उन्हें बचाने के लिए कुएं में उतरे 2 लोगों ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस जांच में हादसे का सच सामने आया है। आइए जानते हैं कि हादसा कब-कहां और कैसे हुआ?

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मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के तहत आने वाले इलाके में बूढ़ा-टकरावद फंटे के पास भयानक हादसा हुआ। बाइक से टक्कर के बाद 14 लोगों से भरी इको वैन पानी से भरे कुएं में गिर गए। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है।

10 लोग वैन में सवार थे, जो मारे गए। मृतकों में 2 लोग वे शामिल हैं, जो कुएं में गिरे लोगों को बचाने के लिए उतरे थे, लेकिन दम तोड़ने से पहले उन्होंने इको वैन में सवार 2 बच्चों समेत 4 लोगों को बाहर निकाल दिया था, जिनकी समय रहते इलाज मिलने से जान बच गई।

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हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। हादसे की जानकारी मिलते ही उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कलेक्टर अदिति गर्ग, SP अभिषेक आनंद, एडिशनल SP गौतम सोलंकी, SDPO नरेंद्र सोलंकी भी मौके पर पहुंचे।

 

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SP ने बताया हादसे का असली सच

SP अभिषेक आनंद ने हादसे की पुष्टि की और हादसा होने की वजह भी बताई। उन्होंने बताया कि इको वैन में सवार 14 लोग उज्जैन जिले के उन्हेल इलाके से नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के आंतरी माता मंदिर दर्शन करने जा रहे थे कि बाइक से टक्कर होने से हादसे का शिकार हो गए। टक्कर लगने से वैन का बैलेंस बिगड़ गया और वैन मुंह के बल कुएं में गिर गई। वैन सवार लोगों की जान कुएं में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से गई।

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हादसे में मारे गए 8 लोग रतलाम के खोजन खेड़ा गांव के रहने वाले थे और 2 लोग उज्जैन निवासी थी। वहीं कुएं में गिरे लोगों को बचाने की कोशिश करते जान गंवाने वाले लोग नारायणगढ़ के ही रहने वाले थे। पुलिस, प्रशासन और NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। NDRF की टीम रस्सियों के सहारे कुएं में उतरी और शवों को कार से निकाला। उसके बाद कार को कुएं से निकाला गया।

 

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मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा

बता दें कि मंदसौर हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मारे गए लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। घायलों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये दिए जाएंगे। गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपये और सामान्य घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।

SP अभिषेक आनंद ने बताया कि नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में हुए हादसे का शिकार हुए लोगों को बचाते हुए जान गंवाने वाले लोगों की पहचान बाइक सवार 65 साल के गोवर्धन के रूप में हुई, जो नाहरगढ़ के गांव आबाखेड़ी निवासी थे। दूसरे शख्स की पहचान 42 साल के मनोहर के रूप में हुई, जो नारायणगढ़ के गांव दोरवाड़ी के रहने वाले थे।

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First published on: Apr 28, 2025 07:37 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं एमफिल कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम, फीचर आदि टॉपिक कवर करती हूं। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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