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झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर हाई अलर्ट, छावनी में तब्दील हुआ CM सोरेन का आवास, 100 से ज्यादा CRPF-पुलिस जवान तैनात

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सरकारी आवास को पुलिस छावनी बना दिया गया है और पुलिस-CRPF हाई अलर्ट मोड है. किसी को को भी मुख्यमंत्री के घर तक पहुंचने की अनुमति नहीं है और जो कोई ऐसा करने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी.

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रदर्शनकारियों की एक मांग मानने को राजी नहीं हैं.

झारखंड का छात्र आंदोलन उग्र हो सकता है और प्रदर्शनकारी छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव कर सकते हैं. इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री के आवास को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. चारों ओर बैरिकेडिंग करके सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. CRPF और सेना के 100 से ज्यादा जवान तैनात हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश हैं. आदेश हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों को किसी भी हालत में मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने न दिया जाए. पुलिस और प्रशासन दोनों एक्शन मोड में हैं.

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मुख्यमंत्री आवास के आस-पास का इलाका सील

बता दें कि रांची में मुख्यमंत्री आवास और उसके आस-पास के पूरे इलाके को सील कर दिया गया है. मुख्यमंत्री आवास तक आने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग करके ब्लॉक कर दिया गया है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्रों के जुटने से मुख्यमंत्री की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. प्रदर्शनकारी उनके आवास तक पहुंचने का प्रयास कर सकते हैं. सुरक्षा के मद्देनजर एहतियात बरतते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा और कड़ी की गई है. मुख्यमंत्री आवास तक प्रदर्शनकारियों को पहुंचने से रोकने के लिए हरसंभव तैयारी की है और प्रदर्शनकारियों को चेतावनी भी दी है.

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बैरिकेडिंग करके डायवर्ट किए रूट और ट्रैफिक

बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास तक आने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग करके रूट डायवर्ट किया गया है और ट्रैफिक सिस्टम बदला गया. मोरहाबादी से सूचना भवन की ओर आने वाले रास्ते को डायवर्ट किया गया. इसलिए बीते दिन कचहरी चौक समेत आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक जाम रहा. इससे स्कूल, दफ्तर, कॉलेज, दुकानों तक आने जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरा रास्ता लेने के कारण स्टूडेंट्स स्कूल और कॉलेज में लेट पहुंचे. कई लोगों को अपने दफ्तरों तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी.

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प्रदर्शनकारी छात्रों से सहयोग करने की अपील

बता दें कि पुलिस और प्रशासन ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों से सहयोग की अपील की है. छात्रों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी बात शांतिपूर्वक रखें और ट्रैफिक को बाधित न करें. जिला प्रशासन के साथ पुलिस मुख्यालय सतर्क है और एक दूसरे के संपर्क में है. संवेदनशील चौक-चौराहों और रास्तों पर पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. सादे कपड़ों में पुलिस और खुफिया विभाग के जवान तैनात हैं, जो हालातों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. ड्रोन कैमरों से भी आंदोलन और आस&पास के इलाकों की निगरानी जारी है. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा है कि किसी को भी कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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