झारखंड हाई कोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से कराए गए दो भर्ती एग्जाम को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है. एग्जाम रद्द करने के फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे थे, हाईकोर्ट के फैसले के बाद उन्हें राहत मिली है. कोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं और फूड सेफ्टी ऑफिसर एग्जाम से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 15 दिनों के भीतर जवाबी हलफनामे के साथ अपना जवाब दाखिल करे.

कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, दोनों परीक्षाओं से जुड़े याचिकाकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से अपना काम फिर से शुरू करने की अनुमति भी दी जाएगी.

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बता दें, छात्रों प्रदर्शन के बाद झारखंड सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और 23 अन्य परीक्षाओं की जांच का आदेश दिया था. ये परीक्षाएं JPSC, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और एक आउटसोर्स एजेंसी की ओर से कराई गई थीं. भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर 26 दिन तक चले छात्रों के प्रदर्शन के बाद सरकार ने यह फैसला लिया था. सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को अपना आंदोलन स्थगित कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने झारखंड सरकार को जांच के लिए दो महीने का समय दिया है.

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अभ्यर्थियों का सचिवालय के बाहर प्रदर्शन

झारखंड में हाल ही में भर्ती परीक्षाओं के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वाले करीब 2,700 अभ्यर्थियों ने गुरुवार को रांची में प्रदर्शन किया. उन्होंने 22 परीक्षाओं को रद्द करने और 23 अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश से संबंधित अधिसूचनाओं को वापस लेने की मांग की.

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उन्होंने राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि उन्होंने ये परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से पास की हैं और उसी के आधार पर उन्हें सरकारी नौकरियां मिली हैं. प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को भी प्रदर्शन किया था. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए झारखंड सचिवालय परिसर में प्रवेश कर गए थे.

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