Champai Soren will be the new CM of Jharkhand: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। उनकी जगह अब चंपई सोरेन राज्य के नए सीएम होंगे। ऐसे में यह सवाल मन में उठता है कि हेमंत की पत्नी कल्पना सोरेन भी मुख्यमंत्री बनने की रेस में थीं, फिर आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि चंपई सोरेन पर विधायक दल ने अपना भरोसा जताया। आखिर चंपई सोरेन ही मुख्यमंत्री क्यों चुने गए, आइए इसकी वजह जानते हैं...
शिबू सोरेन के करीबी
चंपई सोरेन को शिबू सोरेन का करीबी माना जाता है। जब अलग झारखंड राज्य की मांग उठी तो वह शिबू सोरेन के साथ आंदोलन में शामिल हो गए। उन्हें इस आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाने के लिए 'झारखंड टाइगर' भी कहा जाता है। मौजूदा सरकार में वह ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर हैं। उनके कामकाज को काफी सराहना मिलती है।
https://twitter.com/news24tvchannel/status/1752707226903699800
प्रशासन का अनुभव
चंपई सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के उपाध्यक्ष हैं। उन्हें प्रशासन का भी अच्छा अनुभव है। सबसे पहले अर्जुन मुंडा की सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वे 11 सितंबर 2010 से 18 जनवरी 2013 तक मंत्री रहे। इसके बाद राष्ट्रपति शासन लग गया और फिर झामुमो की सरकार बनी।
https://twitter.com/ChampaiSoren/status/1752580617420599650
इस सरकार में उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के साथ परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वहीं, 2019 में जब
हेमंत सोरेन की सरकार फिर बनी तो उन्हें परिवहन, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बनाया गया।
यह भी पढ़ें: हेमंत सोरेन ईडी की हिरासत में, झारखंड के मंत्री का दावा
जमीन से जुड़े नेता
चंपई सोरेन को जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है। वे लोगों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं। वे सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी काफी एक्टिव हैं और जनता के महज एक ट्वीट पर उनकी समस्याओं का समाधान कर देते हैं। कई बार उन्होंने इसकी बानगी पेश की है। कोल्हान क्षेत्र के आसपास उनकी अच्छी पकड़ है। संभवतया कुछ यही वजह रहीं कि उन्हें झारखंड का अगला सीएम चुना गया।
https://twitter.com/ChampaiSoren/status/1752581441924309393
यह भी पढ़ें: हेमंत सोरेन ने ईडी के खिलाफ ही दर्ज करवा दी FIR, छापेमारी के खिलाफ उठाया बड़ा कदम
https://www.youtube.com/watch?v=GkC1LuM_Ev8
Champai Soren will be the new CM of Jharkhand: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। उनकी जगह अब चंपई सोरेन राज्य के नए सीएम होंगे। ऐसे में यह सवाल मन में उठता है कि हेमंत की पत्नी कल्पना सोरेन भी मुख्यमंत्री बनने की रेस में थीं, फिर आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि चंपई सोरेन पर विधायक दल ने अपना भरोसा जताया। आखिर चंपई सोरेन ही मुख्यमंत्री क्यों चुने गए, आइए इसकी वजह जानते हैं…
शिबू सोरेन के करीबी
चंपई सोरेन को शिबू सोरेन का करीबी माना जाता है। जब अलग झारखंड राज्य की मांग उठी तो वह शिबू सोरेन के साथ आंदोलन में शामिल हो गए। उन्हें इस आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाने के लिए ‘झारखंड टाइगर’ भी कहा जाता है। मौजूदा सरकार में वह ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर हैं। उनके कामकाज को काफी सराहना मिलती है।
प्रशासन का अनुभव
चंपई सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के उपाध्यक्ष हैं। उन्हें प्रशासन का भी अच्छा अनुभव है। सबसे पहले अर्जुन मुंडा की सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वे 11 सितंबर 2010 से 18 जनवरी 2013 तक मंत्री रहे। इसके बाद राष्ट्रपति शासन लग गया और फिर झामुमो की सरकार बनी।
इस सरकार में उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के साथ परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वहीं, 2019 में जब हेमंत सोरेन की सरकार फिर बनी तो उन्हें परिवहन, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बनाया गया।
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जमीन से जुड़े नेता
चंपई सोरेन को जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है। वे लोगों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं। वे सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी काफी एक्टिव हैं और जनता के महज एक ट्वीट पर उनकी समस्याओं का समाधान कर देते हैं। कई बार उन्होंने इसकी बानगी पेश की है। कोल्हान क्षेत्र के आसपास उनकी अच्छी पकड़ है। संभवतया कुछ यही वजह रहीं कि उन्हें झारखंड का अगला सीएम चुना गया।
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