---विज्ञापन---

झारखंड angle-right

‘झारखंड में आदिवासी महिलाओं से शादी करने वाले ‘घुसपैठियों’ के नाम नहीं होगी जमीन’ गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान

Jharkhand Assembly elections 2024: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम घुसपैठियों की पहचान करने, उन्हें बाहर निकालने और उनके द्वारा हड़पी गई जमीन वापस लेने के लिए एक समिति बनाएंगे।

---विज्ञापन---

Jharkhand Assembly elections 2024: झारखंड में आदिवासी महिलाओं से शादी करने वाले ‘घुसपैठियों’ को जमीन नहीं दी जाएगी। सोमवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर झारखंड में भाजपा सत्ता में आई तो वह आदिवासी लड़कियों से विवाह करने वाले घुसपैठियों को भूमि हस्तांतरण रोकने के लिए कड़ा कानून लाएगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरायकेला में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी ऐसी परिस्थितियों में पहले से ही अधिग्रहित भूमि को पुनः प्राप्त करेगी और इसे मूल आदिवासी परिवारों को वापस करेगी। बता दें झारखंड में कुल 81 विधानसभा सीट हैं। यहां 13 और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जिसके बाद 23 नवंबर को मतगणना होगी।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: हेमंत सोरेन के प्रस्तावक मंडल मुर्मू कौन? जिनका गला काटने पर 50 लाख के इनाम से मचा बवाल

---विज्ञापन---

घुसपैठियों की पहचान करने के लिए बनेगी समिति

केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि झारखंड में आदिवासियों की आबादी घट रही है। घुसपैठिए हमारी बेटियों से शादी करके उनकी जमीन हड़प रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर घुसपैठिए आदिवासी महिलाओं से शादी करते हैं तो हम उन्हें जमीन हस्तांतरित करने से रोकने के लिए कानून लाएंगे। हम घुसपैठियों की पहचान करने, उन्हें बाहर निकालने और उनके द्वारा हड़पी गई जमीन वापस लेने के लिए एक समिति भी बनाएंगे।

‘हेमंत ने किया चंपई सोरेन का अपमान’

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हेमंत सोरेन ने झामुमो के पूर्व दिग्गज नेता चंपई सोरेन का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि चंपई सोरेन को घुसपैठ और आदिवासी अधिकारों के बारे में बोलने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। जबकि चंपई सोरेन इतने वर्षों तक गुरु जी (सिबू सोरेन) और हेमंत सोरेन के प्रति वफादार रहे, लेकिन जिस तरह से उन्हें अपमानित किया गया और निष्कासित किया गया, वह न केवल उनका अपमान है, बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Video: झारखंड में किसकी बनेगी सरकार? चुनाव को लेकर सामने आया ताजा सर्वे

First published on: Nov 11, 2024 05:15 PM

End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola