रांची में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच सोरेन सरकार ने बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत TDPL के जरिए हुईं सभी परीक्षाएं और नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं. झारखंड सरकार की घोषणा के बाद छात्रों में खुशी का माहौल है, वो जश्न मना रहे हैं, लेकिन साथ ही भावुक भी नज़र आए. लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने इस कदम के लिए सोरेन सरकार का शुक्रिया अदा किया है. उन्होंने कहा कि अब वो अपनी हड़ताल तोड़ेंगे, लेकिन उनका संघर्ष जारी रहेगा.
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JSSC-CGL भी रद्द
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- ''आज कैबिनेट ने JSSC-CGL को रद्द करने का भी फैसला किया है. 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी गलतियों की जांच की जाएगी. सरकार पारदर्शिता के साथ सुधारों पर काम करेगी. परीक्षा कैसे आयोजित की जाए. इसके लिए पहले से ही एक SOP मौजूद है. अगर SOP का पालन किया गया होता तो ये गड़बड़ियां नहीं होतीं. उस सुधार में कुछ और बेहतर चीज़ें जोड़ी जाएंगी. सुधार के लिए एक IAS अधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाने का फैसला किया गया है.''
क्या बोले छात्र?
सीएम सोरेन के फैसले का प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने तहेदिल से स्वागत किया. कई छात्र नेताओं की आंखों में खुशी के आंसू थे. इस दौरान स्टूडेंट लीडर रविंद्र पासवान ने कहा, ''CBI जांच की मांग अभी तक नहीं मानी गई है और जब तक ये मांग पूरी नहीं हो जाती, हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे. हमने एक बड़ी लड़ाई जीत ली है, लेकिन अभी और भी बहुत कुछ बाकी है. हम मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं कि उन्होंने 24 दिनों के बाद हमारी मांग सुनी, लेकिन सवाल ये है कि जब तक CBI जांच नहीं होती, हम अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे."
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देवेंद्र महतो ने क्या कहा?
छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सोरेन सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा- ''हम छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लेने और हमारी मांगों को पूरा करने के लिए आभार व्यक्त करते हैं. सबसे अहम बात ये है कि जांच बहुत बारीकी से की जा रही है और इसमें शामिल हर भ्रष्ट व्यक्ति को पकड़ा जा रहा है. वो इन गिरोहों के पीछे के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. हमारे सिस्टम में जो गड़बड़ी थी और जो धांधली हुई थी, उस पर कार्रवाई हुई है और जिस मकसद से हम लोग संघर्ष कर रहे थे, जान को जोखिम में डालकर आंदोलन कर रहे थे और हमारी मांगों को पूरा किया गया है मगर इसमें खुशी की बात नहीं है क्योंकि अभी बहुत लड़ाई बाकी है. अभी पूरे शिक्षा प्रणाली को सुधारने को लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा.''
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