World Environment Day: पर्यावरण को किसी एक देश नहीं पूरे विश्व में चिंता बनी हुई है। खत्म होती हरियाली को बचाने के लिए लोगों में जागरूकता तो आई है, लेकिन कुछ ऐसी गैर सरकारी संस्थाएं हैं जो सिर्फ पर्यावरण को लेकर ही काम कर रही हैं। ऐसी ही एक संस्था है गिव मी ट्रीज ट्रस्ट यानी (GMTT)। इस संस्था की ओर से देशभर में हरियाली क्रांति अभियान चलाया जा रहा है। पर्यावरण पर काम करने करने के लिए मशहूर पीपल बाबा ने इस संस्था की स्थापना 43 साल पहले की थी।
सवा करोड़ सिर्फ पीपल के पेड़ लगाए
संस्था की ओर से दावा किया जाता है कि उन्होंने अब तक देश के 20 राज्यों के 230 जिलों में 2.30 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए हैं। खास बात ये है कि संस्था ज्यादातर पीपल और बरगद के पेड़ लगाते है। लिहाजा 2.30 करोड़ में संस्था की ओर से सवा करोड़ पीपल के पेड़ लगाए हैं। संस्था की ओर से कहा गया है कि एनसीआर के गुरुग्राम और फरीदाबाद में बड़े स्तर पर पोधारोपण किया गया है।
संस्था की ओर से बताया जाता है कि गुरुग्राम के सेक्टर-80 में सबसे बड़ी पीपल और बर्गद की नर्सरी है। संस्था की ओर से 2014 से डासना जेल, तिहाड़ जेल और गुड़गाव जेल में हरियाली बढ़ाने को लेकर कई कार्यक्रम हुए हैं। ट्रस्ट के संस्थापक पीपल बाबा कहते हैं कि पर्यावरण संवर्धन के लिए देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
पर्यावरण बचाव के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा
उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाने की जरूरत है। गिव मी ट्रीज ट्रस्ट ने नेचर एजुकेशन के लिए भी एक टीम का गठन किया है। संस्था की ओर से बताया गया है कि अजीत- पौधरोपण, इश्तियाक- बायोडायवर्सिटी, विनीत- जनरल सेशन और जगदीप -कम्पोस्ट के सेशन लेते हैं। उन्होंने बताया कि पर्यावरण पर काम करने के बाद पक्षी, मधुमक्खी, तितलियों की तादाद बढ़ी है।
इसके साथ ही बायो डायवर्सिटी की जानकारी बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बताया गया है कि फरीदाबाद के सेक्टर-26 में मुख्य पार्क में हरियाली बढ़ाई गई है। इसके अलावा जिले के अलग-अलग सेक्टरों में नीम समेत कई प्रकार के पेड़ लगाए गए हैं।
इन जिलों में किया पर्यावरण पर काम
ट्रस्ट की ओर से बताया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए वर्ष 1982 से काम किया जा रहा है। वर्तमान में गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाने का काम किया गया है। GMTT ने हरियाली शिक्षा के लिए बाकायदा एक ईको क्लब का गठन किया है, जिसमें प्रशिक्षित शिक्षक लोगों को ट्रेनिंग देते हैं।
एनवायरनमेंट एजुकेशन के तहत जैव विविधता (मधुमक्खी, तितलियां, फल-फूल, नर्सरी, कम्पोस्ट) तैयार करना सिखाते हैं। संस्था की ओर से कहा गया है कि यदि स्कूल पर्यावरण संरक्षण के लिए हरियाली शिक्षा कार्यक्रम चलाना चाहते हैं तो टीम से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए ट्रेंड टीचर वहां जाकर निःशुल्क हरियाली शिक्षा के सत्र आयोजित करेंगे।
कोरोना काल में बेसहारा हुई महिलाओं को रोजगार देने के लिए मेरठ में ट्रस्ट ने वर्मा कंपोस्ट का बड़ा केंद्र खोला था। इससे हजारों महिलाएं काम करती हैं। शुरुआत में मेरठ के उल्दयपुर गांव और मोदीपुरम क्षेत्र में 12 ग्रामीण महिलाओं को एक साल तक ट्रेनिंग दी गई। फिर इन महिलाओं ने एक स्वचालित संस्था बनाई।
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