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IPS Y Puran Kumar: हरियाणा के ADGP वाई. पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास में खुद को गोली मार ली थी. इस मामले में आईपीएस अधिकारी की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार द्वारा सीनियर अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत करने की बात सामने आई थी. जिसके बाद सीएम नायब सैनी के मामले में हस्तक्षेप के बाद बड़े कदम उठाए जा सकते हैं. गुरुवार को सीएम नायब सैनी दिवंगत IPS अधिकारी की पत्नी IAS अमनीत पी कुमार से मिलने उनके आवास पर पहुंचे. इस दौरान सीएम ने पीड़ित परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है.
दिवंगत IPS अधिकारी की पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार द्वारा सीएम को लिखे पत्र में मांगें रखी थीं कि आत्महत्या नोट और शिकायत में नामजद सभी व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और मामले की जांच की जाए. इसके अलावा आरोपियों को निलंबित किया जाए और गिरफ्तार किया जाए. उनके परिवार को सुरक्षा दी जाए. 4 पन्नों का शिकायती पत्र भेजा है. वहीं इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने बताया कि दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी, एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध के लिए मृतक के अंतिम नोट में नामित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
दरअसल चंडीगढ़ पुलिस को मंगलवार को दोपहर 1 बजे थाना-11 क्षेत्र से आत्महत्या की सूचना मिली. जिसके बाद एसपी, डीएसपी और CSFL टीम भी मौके पर पहुंची. पुलिस के अनुसार, वाई पूरन कुमार ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली. उनका शव बेसमेंट के कमरे में मिला और उनके सिर में गोली लगने का निशान था. घटना स्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई और घटनास्थल से सर्विस गन, इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, वसीयत और 8 पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. इन सभी चीजों को पुलिस ने जब्त कर लिया है.
वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक जहर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है. जब एक IPS अधिकारी को उसकी जाति के कारण अपमान और अत्याचार सहने पड़ें तो सोचिए, आम दलित नागरिक किन हालात में जी रहा होगा. रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का अपमान और अब पूरन जी की मृत्यु ये घटनाएं बताती हैं कि वंचित वर्ग के ख़िलाफ़ अन्याय अपनी चरम सीमा पर है. BJP-RSS की नफरत और मनुवादी सोच ने समाज को विष से भर दिया है. दलित, आदिवासी, पिछड़े और मुस्लिम आज न्याय की उम्मीद खोते जा रहे हैं. ये संघर्ष केवल पूरन जी का नहीं – हर उस भारतीय का है जो संविधान, समानता और न्याय में विश्वास रखता है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा कि ‘भाजपा का मनुवादी तंत्र इस देश के SC, ST, OBC और कमज़ोर वर्गों के लिए एक अभिशाप बन चुका है. हरियाणा के वरिष्ठ दलित IPS अधिकारी, ADGP, श्री वाई. पूरन कुमार की मजबूरन आत्महत्या की खबर न केवल स्तब्ध करने वाली है, बल्कि सामाजिक अन्याय, अमानवीयता और संवेदनहीनता का भयावह प्रमाण है. परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. पिछले 11 वर्षों में इस देश में भाजपा ने मनुवादी मानसिकता इतनी गहरी कर दी है कि ADGP रैंक के दलित अधिकारी को भी न्याय और सुनवाई नहीं मिलती है. जब सुप्रीम कोर्ट में सरेआम माननीय मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर हमला हो सकता है और उसे भाजपा का Ecosystem जातिवाद और धर्म का हवाला देकर defend कर सकता है, तो हमें ये समझ लेना चाहिए कि “सबका साथ” का नारा एक भद्दा मजाक था. हजारों वर्षों से मनुवादी मानसिकता की शोषण करने की आदत इतनी जल्दी तो नहीं बदल सकती.
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