---विज्ञापन---

हरियाणा angle-right

हरियाणा को बड़ा झटका! NCR का दायरा 60 प्रतिशत तक घटाने की तैयारी, पानीपत-करनाल समेत कई जिले हो सकते हैं बाहर

हरियाणा सरकार 16 जून को होने वाली बैठक में एनसीआर का दायरा 60 प्रतिशत तक घटा सकती है, जिससे पानीपत और करनाल समेत पांच जिले एनसीआर से बाहर हो जाएंगे.

---विज्ञापन---

हरियाणा सरकार अपने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर (NCR) के दायरे को बड़े स्तर पर घटाने की तैयारी में है, जिससे राज्य के कई प्रमुख जिलों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की आगामी 16 जून 2026 को होने वाली बैठक के लिए जो एजेंडा राज्यों को भेजा गया है, उसके मुताबिक एनसीआर की सीमाओं को दोबारा तय करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके तहत ‘ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041’ के सीमा सिद्धांतों को औपचारिक रूप से मंजूरी दी जाएगी. इस नए नियम के लागू होने के बाद दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों को ही एनसीआर में शामिल रखा जाएगा. वर्तमान में हरियाणा के 14 जिले एनसीआर का हिस्सा हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 25,327 वर्ग किलोमीटर है, लेकिन नए फॉर्मूले के बाद यह घटकर सिर्फ 10,546 वर्ग किलोमीटर रह जाएगा, जो कि सीधे तौर पर 60 प्रतिशत की बड़ी कटौती है.

पांच जिलों पर गिरेगी गाज

हरियाणा ने इस मामले में पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और राजस्थान की तुलना में खुद के लिए बेहद कड़ा रुख अपनाया है. जहां यूपी और राजस्थान ने 100 किलोमीटर के दायरे में आंशिक रूप से आने वाली तहसीलों को भी शामिल करने पर सहमति जताई है, वहीं हरियाणा सरकार ने साफ कर दिया है कि वह केवल उन्हीं तहसीलों को एनसीआर में रखेगी जो पूरी तरह से 100 किलोमीटर के दायरे के अंदर आती हैं. इस सख्त नियम के कारण करनाल, महेंद्रगढ़, जींद, पानीपत और भिवानी जैसे पांच से छह जिलों का एक बड़ा हिस्सा एनसीआर से बाहर होने की कगार पर खड़ा है. हवाई दूरी के हिसाब से करनाल दिल्ली से 113 से 121 किलोमीटर और महेंद्रगढ़ 112 से 113 किलोमीटर दूर है, जिसके कारण इनका बाहर होना लगभग तय है. वहीं जींद और पानीपत भी बॉर्डर लाइन पर होने के कारण इस कटौती का शिकार बन रहे हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: दिल्ली-गुरुग्राम यात्रियों के लिए खुशखबरी! सिरहौल-साइबर सिटी एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी, जाम से मिलेगी बड़ी राहत

इन दो जिलों को नहीं मिली सुरक्षा

हालांकि, हरियाणा सरकार ने इस बड़े झटके के असर को कम करने के लिए एक विशेष बफर प्लान तैयार किया है. राज्य सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि एनएच-44, एनएच-48 और एनएच-9 समेत कुल 11 राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों तरफ 1-1 किलोमीटर के कॉरिडोर को एनसीआर में बरकरार रखा जाए. इस नियम से एनएच-44 पर स्थित करनाल और पानीपत के शहरी मुख्य हिस्से एनसीआर का हिस्सा बने रह सकते हैं. इसी तरह भिवानी और चरखी दादरी को भी उनके पास से गुजरने वाले हाईवे के कारण आंशिक जीवनदान मिल सकता है. लेकिन जींद और महेंद्रगढ़ जिले इस सूची में शामिल 11 राष्ट्रीय राजमार्गों में से किसी पर भी स्थित नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें हाईवे कॉरिडोर का कोई सुरक्षा कवच नहीं मिल पाएगा. इसके अलावा हरियाणा ने 7 नगर निगमों, 13 नगर परिषदों और 26 नगर समितियों को बनाए रखने की बात कही है, जिनमें पानीपत, करनाल और रोहतक के शामिल होने की पूरी संभावना है.

---विज्ञापन---

प्रॉपर्टी बाजार में मंदी का खतरा

एनसीआर के दायरे से बाहर होने की वजह से इन इलाकों को भविष्य में बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. सबसे पहले, ये शहर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मिलने वाले भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से पूरी तरह वंचित हो जाएंगे, जिसने अब तक इस क्षेत्र में 32,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के 366 प्रोजेक्ट्स को पैसा दिया है. इसके साथ ही जमीन के इस्तेमाल और विकास के नियम पूरी तरह से हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधीन हो जाएंगे. इस बदलाव का सबसे बड़ा असर जमीन की कीमतों पर पड़ेगा, क्योंकि साल 2015 में एनसीआर में शामिल होने के बाद से इन जिलों में जो प्रॉपर्टी के दाम बढ़े थे, वे अब तेजी से नीचे आ सकते हैं. बड़े संस्थागत निवेशक इन क्षेत्रों से अपने हाथ पीछे खींच सकते हैं. इसके अलावा रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और ऑर्बिटल रेल जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाएं भी केवल एनसीआर सीमा के अंदर ही सीमित रह जाएंगी.

First published on: Jun 10, 2026 11:27 AM

End of Article

About the Author

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में तीन वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. राजा ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee Media के डिजिटल प्लेटफॉर्म India.Com हिंदी से की थी. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

Read More

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में तीन वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. राजा ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee Media के डिजिटल प्लेटफॉर्म India.Com हिंदी से की थी. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola