---विज्ञापन---

हरियाणा angle-right

Haryana Lok sabha Election Result: हरियाणा में क्यों आधी सीटों पर सिमटती दिख रही BJP? पांच कारण

Haryana Lok sabha Election Results: 7 चरणों में हुए लोकसभा चुनावों के बाद नतीजे घोषित होने के बाद अब धीरे-धीरे तस्वीर साफ हो रही है। देश की 542 लोकसभा सीटों पर वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से जारी है। हरियाणा में बीजेपी को 6 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है। पिछली बार सभी 10 सीटों पर कमल खिला था।

---विज्ञापन---

Haryana Lok sabha Election 2024: सात चरणों में वोटिंग के बाद लोकसभा चुनाव के नतीजे धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। हरियाणा में बीजेपी को 5 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है। पिछली बार यहां की 10 सीटों पर कमल खिला था। लेकिन इस बार कांग्रेस का प्रभाव दिख रहा है। कांग्रेस 5 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। 2014 में मोदी लहर में हरियाणा में बीजेपी ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पहली बार शानदार प्रदर्शन किया था। इनेलो ने हिसार, सिरसा समेत 2 सीटें हासिल की थी। कांग्रेस सिर्फ रोहतक तक सिमट गई थी। लेकिन अब फिर से कांग्रेस ने घर वापसी की है।

यह भी पढ़ें:Lok Sabha Election 2024: एग्जिट पोल्स फिर फेल! एनडीए के 400 पार के दावे की निकली हवा

---विज्ञापन---

माना जा रहा है कि किसान आंदोलन और अग्निवीर के खिलाफ युवाओं के गुस्से का असर परिणाम में दिखा है। खिलाड़ियों के यौन शोषण और समय पर फसलों का मुआवजा नहीं मिल पाना भी बीजेपी के खिलाफ गया है। जातीय समीकरण के हिसाब से भी नतीजा कांग्रेस के पक्ष में रहा है। कहीं न कहीं जाटों का गुस्सा भी भाजपा के खिलाफ चुनाव परिणामों में नजर आया है। चुनाव से ऐन पहले भाजपा का सीएम बदलना, गैर जाट वोटों को एक कर जाट वोटों में बिखराव को लेकर जो रणनीति बनी थी। परिणामों के बाद वह फेल साबित होती दिख रही है।

हरियाणा में 25 मई को हुई थी वोटिंग

---विज्ञापन---

हरियाणा में सभी 10 सीटों पर छठे चरण में 25 मई को वोटिंग हुई थी। लगभग 65 फीसदी मतदाताओं ने वोटिंग की थी। सभी सीटों पर 223 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई थी। लोकसभा चुनावों के साथ करनाल सीट पर विधानसभा उपचुनाव भी साथ में करवाया गया था। इस सीट से पूर्व सीएम मनोहर लाल विधायक थे। मनोहर को ही करनाल सीट से बीजेपी कैंडिडेट के तौर पर उतारा गया था। 2019 विस चुनाव में कांग्रेस ने 31 और बीजेपी ने 90 में से 40 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जेजेपी की 10 सीटें आई थी। जिसके बाद दोनों ने मिलकर संयुक्त सरकार बनाई थी। माना जा रहा था कि किसान आंदोलन और महिला पहलवानों के विरोध के कारण काफी वोटर नाराज थे। फसलों पर एमएसपी न मिल पाना और फैमिली आईडी जैसे मुद्दे कांग्रेस ने भुनाए थे। जिसका उसे लाभ मिल गया।

First published on: Jun 04, 2024 01:43 PM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola