गुरुग्राम में बनेगा 35 KM का नया मेट्रो कॉरिडोर, 28 स्टेशंस से जुड़ेंगे मिलेनियम सिटी के ये इलाके
Gurugram New Metro Corridor: गुरुग्राम में अक्सर आप ट्रैफिक जाम की खबरें सुनते रहते हैं, इससे निपटने के लिए ये शहर नए मेट्रो कॉरिडोर की तैयारी शुरू कर दी है. इससे कई इलाकों और डेली ट्रैवल करने वाले लोगों का फायदा होने की उम्मीद है.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jul 3, 2026 11:40
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jul 3, 2026 11:40
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मुख्य बिंदु
गुरुग्राम में 28 स्टेशनों वाला 35 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाने का प्रपोजल है.
मिलेनियम सिटी की ये लाइन सेक्टर 56 को पचगांव से जोड़ेगी.
सेक्टर 36A में ग्लोबल सिटी के लिए एक खास मेट्रो स्टेशन होगा.
ये कॉरिडोर रैपिड मेट्रो और नमो भारत के दो रूटों से जुड़ेगा.
इस प्रोजेक्ट पर 10,428 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है.
Gurugram Metro Expansion: गुरुग्राम अपने शहरी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है. इसके तहत सेक्टर 56 को पचगांव से जोड़ने वाला 35 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर प्रपोज किया गया है. हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) की तरफ से तैयार की गई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पूरी हो चुकी है और अब इसे अगले स्टेज में ले जाने से पहले हरियाणा के सीएम की मंजूरी का इंतजार है.
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प्रोजेक्ट में कितना आएगा खर्च?
इस प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 10,428 करोड़ रुपये है और इसमें तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में 28 स्टेशन शामिल होंगे. पूरा होने पर, इस कॉरिडोर से रोजाना आने-जाने में आसानी होगी, ट्रैवल टाइम कम होगा और पूरे गुरुग्राम में पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
इस प्रोजेक्ट की एक खास बात सेक्टर 36A में बनने वाली ‘ग्लोबल सिटी’ के अंदर प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन है. तकरीबन 1,000 एकड़ में फैली इस मिक्स्ड-यूज टाउनशिप को रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि मेट्रो की सीधी सुविधा से लोग ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी. इस प्रोजेक्ट में मदद के लिए HSIIDC ने निर्माण कार्य के लिए 1,500 करोड़ रुपये देने का वादा किया है.
नए कॉरिडोर को मौजूदा और भविष्य के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के साथ जोड़ने के लिए भी डिजाइन किया गया है. सेक्टर 56 पर यात्री मौजूदा रैपिड मेट्रो नेटवर्क से इंटरचेंज कर सकेंगे. सेक्टर 61 के पास एक और इंटरचेंज की योजना है, जो प्रस्तावित गुरुग्राम-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर को जोड़ेगा. पचगांव में पैसेंजर्स को प्रपोज्ड दिल्ली-बावल नमो भारत लाइन की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा, वाटिका चौक फ्यूचर के मेट्रो रूट के लिए इंटरचेंज का काम करेगा, जो भोंडसी और राजीव चौक को जोड़ेगा.
मेट्रो स्टेशंस के नाम
ये रूट सेक्टर 56 से शुरू होगा और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, घाटा गांव, सेक्टर 61, 62, निर्वाणा कंट्री, सेक्टर 66, वाटिका चौक, सदर्न पेरिफेरल रोड, सेक्टर 69, 70 और 75, खेड़की दौला, सेक्टर 36A, ग्लोबल सिटी, सेक्टर 84 से 91, कंकरोला गांव, मानेसर से होते हुए आखिर में पचगांव पर खत्म होगा. फंडिंग मॉडल में केंद्र सरकार से 10 फीसदी मदद, हरियाणा सरकार से 20 फीसदी इक्विटी और 80 फीसदी संस्थागत लोन शामिल है. हरियाणा सीएम की मंजूरी के बाद, निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ये प्रोजेक्ट कानूनी मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरेगा.
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निष्कर्ष
प्रपोज्ड गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर से नए बन रहे रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल इलाकों को आपस में जोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को काफी बेहतर बनाने की उम्मीद है. रैपिड मेट्रो और भविष्य के नमो भारत कॉरिडोर से आसान कनेक्टिविटी के साथ, इस प्रोजेक्ट का मकसद ट्रैफिक जाम कम करना, सस्टेनेबल मोबिलिटी को बढ़ावा देना और सफर को सुविधाजनक बनाना है. एक बार DPR को अंतिम मंजूरी और कानूनी मंजूरी मिल जाने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकता है. इससे एक बेहतर और इंटीग्रेटेड शहरी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बनेगा, जिससे शहर में रोजाना ट्रैवल करने वाले हजारों लोगों को फायदा होगा.
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Frequently Asked Questions
प्रपोज्ड मेट्रो कॉरिडोर सेक्टर 56 से पचगांव तक तकरीबन 35 किलोमीटर लंबा होगा.
इस प्रोजेक्ट में पूरे रूट पर 28 स्टेशन शामिल हैं.
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर लगभग 10,428 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है.
ये कॉरिडोर सेक्टर 56 पर रैपिड मेट्रो और सेक्टर 61 व पचगांव के पास प्रपोज्ड नमो भारत कॉरिडोर के साथ इंटरचेंज की सुविधा देगा.
हरियाणा के सीएम से डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी मिलने और सभी जरूरी कानूनी मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकता है.