हरियाणा के हांसी के चानौत गांव में पानी की मांग को लेकर चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना को लेकर हरियाणा की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि चानौत गांव में ग्रामीणों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल लोकतंत्र पर सीधा हमला है. चंडीगढ़ में जारी बयान में अनुराग ढांडा ने कहा कि चानौत गांव के लोग पिछले 38 दिनों से पानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ग्रामीणों की मांग कोई गैरकानूनी नहीं है, बल्कि वे अपने हिस्से का पानी और मूलभूत सुविधाएं मांग रहे हैं. इसके बावजूद सरकार समस्या का समाधान करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है.
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अनुराग ढांडा ने क्या कहा?
अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा के कई इलाकों में लोग पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. कई गांवों और कस्बों में 10 से 15 दिनों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं. ऐसी स्थिति में सरकार को पानी की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन वह जनता की आवाज दबाने में लगी हुई है. अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया कि आखिर आधी रात को भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों और जेसीबी मशीनों के साथ गांव में कार्रवाई करने की जरूरत क्यों पड़ी. उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास कोई समाधान था तो ग्रामीणों से दिन के समय बातचीत की जा सकती थी. रात के अंधेरे में महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों पर कार्रवाई करवाना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है.
AAP का बीजेपी पर आरोप
AAP नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार हर बार जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई का रास्ता अपनाती है. किसानों के आंदोलन से लेकर कर्मचारियों की मांगों तक, हर मुद्दे पर सरकार ने संवाद की जगह बल प्रयोग को प्राथमिकता दी है. अब पानी की मांग कर रहे ग्रामीणों के साथ भी वही रवैया अपनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार विकास के दावे करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. कई पंचायतों को अपने खर्च पर पानी मंगवाना पड़ रहा है, जो सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है.
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हरियाणा के हांसी के चानौत गांव में पानी की मांग को लेकर चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना को लेकर हरियाणा की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि चानौत गांव में ग्रामीणों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल लोकतंत्र पर सीधा हमला है. चंडीगढ़ में जारी बयान में अनुराग ढांडा ने कहा कि चानौत गांव के लोग पिछले 38 दिनों से पानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ग्रामीणों की मांग कोई गैरकानूनी नहीं है, बल्कि वे अपने हिस्से का पानी और मूलभूत सुविधाएं मांग रहे हैं. इसके बावजूद सरकार समस्या का समाधान करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है.
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अनुराग ढांडा ने क्या कहा?
अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा के कई इलाकों में लोग पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. कई गांवों और कस्बों में 10 से 15 दिनों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं. ऐसी स्थिति में सरकार को पानी की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन वह जनता की आवाज दबाने में लगी हुई है. अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया कि आखिर आधी रात को भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों और जेसीबी मशीनों के साथ गांव में कार्रवाई करने की जरूरत क्यों पड़ी. उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास कोई समाधान था तो ग्रामीणों से दिन के समय बातचीत की जा सकती थी. रात के अंधेरे में महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों पर कार्रवाई करवाना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है.
AAP का बीजेपी पर आरोप
AAP नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार हर बार जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई का रास्ता अपनाती है. किसानों के आंदोलन से लेकर कर्मचारियों की मांगों तक, हर मुद्दे पर सरकार ने संवाद की जगह बल प्रयोग को प्राथमिकता दी है. अब पानी की मांग कर रहे ग्रामीणों के साथ भी वही रवैया अपनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार विकास के दावे करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. कई पंचायतों को अपने खर्च पर पानी मंगवाना पड़ रहा है, जो सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है.
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