Om Pratap
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Pakistani Spy Arrested In Gujarat He Giving Information Related To Army To Pakistani Agencies: गुजरात एटीएस ने शुक्रवार को एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरफ्तार किया गया जासूस भारत में रहकर पाकिस्तानी एजेंसी के लिए काम कर रहा था। एटीएस अब इस जासूस के संपर्क में रहे अन्य व्यक्तियों का भी पता लगा रही है और पूरे गुजरात में छापेमारी चल रही है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस की ओर से उपलब्ध कराए गए खास इनपुट के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। गुजरात एटीएस जानकारी के बाद आणंद के तारापुर पहुंची थी, जहां से 53 साल के लाभशंकर माहेश्वरी को गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी जासूस के निशाने पर सेना के जवान और अधिकारी थे। ये जासूस भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों के फोन से छेड़छाड़ करता था और मोबाइल ऐप के जरिये पाकिस्तानी एजेंसी को सारी जानकारी मुहैया कराता था।
दरअसल इससे पहले, जुलाई के तीसरे सप्ताह के आसपास रक्षा बलों के कर्मियों के एंड्रॉइड मोबाइल हैंडसेट से छेड़छाड़ करने की नापाक साजिश का पता चला था। मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने इसका खुलासा किया था। आरोप लगाया गया था कि पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव की ओर से व्हाट्सएप नंबर- 90xxxx6792 का उपयोग करके साजिश रची जा रही है। उस वक्त पता चला था कि स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे देश में ‘हर घर तिरंगा’ नाम से एक अभियान की आड़ में ये जासूस मोबाइल धारक को लालच देकर कुछ एंड्रॉइड ऐप्स इंस्टॉल करने को राजी कर लेता था।
जानकारी मिली थी कि ऐप इंस्टॉल किए जाने के बाद राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपने वार्ड की एक तस्वीर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। कहा जा रहा है कि व्हाट्सप्प नंबर ट्रेस होने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस ने गुजरात एटीएस की मदद मांगी थी। मदद मांगे जाने के बाद एटीएस ने तकनीकी विश्लेषण और ग्राउंड वर्क के बाद लाभशंकर माहेश्वरी की पहचान मुख्य संदिग्ध के रूप में की। मामले में एफएसएल गुजरात की ओर से व्हाट्सप्प नंबर की साइबर फोरेंसिक जांच के बाद पता चला कि व्हाट्सएप नंबर- 90xxxx6792, का उपयोग पाकिस्तान से किया जा रहा है, जिसका उपयोग संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने, भारतीय रक्षा कर्मियों के मोबाइल उपकरणों को निशाना बनाने और हैक करने के लिए किया शामिल है।
पर्याप्त सबूत जुटाने और प्रॉपर वेरिफिकेशन और अतिरिक्त जानकारी इकट्ठा करने के बाद, गुजरात पुलिस एटीएस ने आईपीसी और भारतीय आईटी एक्ट की धाराओं का उपयोग करते हुए बुधवार को अहमदाबाद के एटीएस पुलिस स्टेशन में मुख्य संदिग्ध लाभशंकर माहेश्वरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और गुरुवार को उसे आणंद के तारापुर में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि लाभशंकर माहेश्वरी एक पाकिस्तानी हिंदू है जो 1999 में अपनी पत्नी के इलाज के लिए भारत आया था। शुरू में लाभशंकर तारापुर स्थित अपने ससुराल में ही रहता था। इसके बाद उसने लंबी अवधि के वीजा के लिए आवेदन करना जारी रखा और साथ-साथ तारापुर में अपने ससुराल वालों के सहयोग से पहले एक किराने की दुकान और फिर कई दुकानों का मलिक बन गया। 2006 में लाभशंकर को भारतीय नागरिकता मिल गई। 2022 की शुरुआत में, लाभशंकर माहेश्वरी पाकिस्तान में अपने माता-पिता से मिलने गया था। माना जाता है कि तभी से वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ संपर्क में था। व्हाट्सएप अकाउंट बनाने और उससे जानकारी देने के अलावा, लाभशंकर ने पाकिस्तान में सिम कार्ड भेजे और पाकिस्तानी एजेंसी की ओर से कई अन्य संदिग्ध जासूसों को आर्थिक मदद और अन्य मदद भी पहुंचाई।
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