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‘राम सेतु: द ब्रिज विदइन’, रोमांचक यात्रा की अनोखी कहानी, भरत सचदेवा की जुबानी 

भरत सचदेवा ने कहा कि इस पुस्तक में राम सेतु पर उनकी असाधारण तैराकी यात्रा की किस्से और कहानियां हैं। यदि आप पौराणिक कथाओं, रोमांच के साथ -साथ आध्यात्मिक कहानियों की तलाश कर रहे हैं

अंतर्राष्ट्रीय तैराक, वेलनेस कोच और कहानीकार भरत सचदेवा की नई पुस्तक ‘राम सेतु: द ब्रिज विदइन’ अब पाठकों के लिए उपलब्ध है। इसकी जानकारी भरत सचदेवा द्वारा ही दी गई है। उन्होंने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से कहा कि राम सेतु पर उनकी तैराकी यात्रा के संस्मरणों को जोड़ने वाली यह पुस्तक अब ऑनलाइन उपलब्ध है। पाठक अमेज़न पर जाकर इस पुस्तक को खरीद सकते हैं।

तैराकी यात्रा की किस्से और कहानियां

भरत सचदेवा ने कहा कि इस पुस्तक में राम सेतु पर उनकी असाधारण तैराकी यात्रा की किस्से और कहानियां हैं। यदि आप पौराणिक कथाओं, रोमांच के साथ -साथ आध्यात्मिक कहानियों की तलाश कर रहे हैं, तो उनकी ‘राम सेतु’ आपके लिए एक पैसा वसूल किताब पुस्तक हो सकती है।

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पौराणिक कथाओं का मिलेगा अनुभव

इस पुस्तक में, भारत सचदेवा ने राम सेतु पर अपने साहसिक तैराकी से संबंधित कहानियों के बारे में बताया है। यह पुस्तक पौराणिक कथाओं, द हिस्ट्री ऑफ राम सेतु, अंतर्ज्ञान और उनकी यात्रा की गहन खोज के अनुभवों बारे में बताती है और पाठकों को राम सेतु की रोमांचकारी यात्रा पर ले जाती है।

राम सेतु पार कर बनाया था रिकॉर्ड

बता दें, पिछले साल, भरत सचदेवा ने अपने साथी शाश्वत शर्मा के साथ हिंद महासागर में 32 किमी लंबी तैराकी का रिकॉर्ड बनाया था। भरत और शाश्वत ने 10 घंटे 30 मिनट में पाक स्ट्रेट (राम सेतु) के चुनौतीपूर्ण मार्ग को तैर ​​कर पार किया था। यह अभियान भारतीय एथलीटों के लिए साहसिक खेल और तैराकी को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।

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पढ़ने पर होगा रोमांच का अनुभव

भरत सचदेवा ने अपनी पुस्तक ‘राम सेतु: द ब्रिज विदइन’ में इस तैराकी यात्रा से संबंधित कहानियों और अनुभवों के बारे में बताया है, जिसे आप पढ़ने हुए आप रोमांच का अनुभव करेंगे। आपको बता दें, भरत सचदेवा मॉडर्न स्कूल और सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं।

First published on: May 29, 2025 06:04 AM

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About the Author

Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।

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