नई दिल्ली: उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज एक बार फिर उपराज्यपाल को पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजे जाने के प्रस्ताव को तत्काल अनुमति देने की मांग की है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी एलजी साहब से अनुरोध करते हुए कहा है कि टीचर्स को ट्रेनिंग के लिए विदेश जाने की अनुमति दी जाए। आपने खुद कहा था कि मैं इसके खिलाफ नहीं हूं।
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने पत्र में कहा है कि एलजी के टेबल पर 10 दिनों से शिक्षकों की फिनलैंड ट्रेनिंग की फाइल पड़ी है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। अक्तूबर 2022 से टीचर्स को ट्रेनिंग के लिए फ़िनलैंड भेजे जाने की फाइल एलजी के दफ्तर के चक्कर काट रही है और एलजी से अनुमति नहीं मिलने के कारण मार्च 2023 में प्रस्तावित 30 शिक्षकों की ट्रेनिंग रद होने की कगार पर है। मेरा अनुरोध है कि टीचर्स को फिनलैंड ट्रेनिंग पर भेजे जाने की तुरंत अनुमति दी जाए।
और पढ़िए – CM शिवराज का बड़ा बयान, भोपाल का नाम बदलने का भेजा जाएगा प्रस्ताव
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के स्कूलों के टीचर्स को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजे जाने की अनुमति देने की मांग को लेकर उपराज्यपाल को एक बार फिर पत्र लिखा है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने एलजी को भेजे अपने पत्र में कहा है कि दिल्ली सरकार के स्कूलों के प्राइमरी टीचर्स की ट्रेनिंग के लिए फ़िनलैंड भेजे जाने संबंधित फाइल आपकी टेबल पर 20 जनवरी से पड़ी है। आपने न तो इस प्रस्ताव को अपनी सहमति दी है और न ही इस पर असहमति जताते हुए निर्णय लेने के लिए माननीय राष्ट्रपति जी के पास भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।
डिप्टी सीएम ने लिखा है कि अक्टूबर 2022 से शिक्षकों को फ़िनलैंड भेजे जाने से संबंधित फाइल आपके दफ्तर के चक्कर काट रही है। इस दौरान दो बार स्पष्टीकरण माँगने के बहाने आपने फ़ाइल वापस भेज दी। इस बारे में बात करने के लिए जब मुख्यमंत्री जी अपने मंत्रियों और कुछ विधायकों के साथ आपसे मिलने पहुंचे तो आपने मिलने से मना कर दिया। उस दिन आपकी तरफ से मीडिया में कहा गया कि आपने शिक्षकों को फिनलैंड भेजने से मना नहीं किया है।मैंने आपके पास फाइल पुनः भेज इस बार मुझे उम्मीद थी कि आप 24 घंटे में इस पर अपनी सहमति दे देंगे, लेकिन फाइल भेजी हुए 10 दिन से ज्यादा हो गए हैं और अभी तक आपकी सहमति नहीं आई।
और पढ़िए – ओरेवा ग्रुप के मालिक जयसुख पटेल कोर्ट में हुए हाजिर
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा है कि आपने दो बार शिक्षकों को फ़िनलैंड भेजे जाने के प्रस्ताव को रोका और दिसंबर में टीचर्स को नहीं भेजा जा सका इसके कारण दिसम्बर 2022 में 30 टीचर्स के दल को ट्रेनिंग के लिए नहीं भेजा जा सका और अब एक बार फिर मार्च 2023 में 30 शिक्षकों की ट्रेनिंग भी रद्द होने की कगार पर है।इसलिए मेरा आपसे पुनः अनुरोध है कि शिक्षकों को फिनलैंड ट्रेनिंग पर भेजे जाने वाली फाइल को तुरंत अनुमति दें।
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, ‘‘दिल्ली सरकार के शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फ़िनलैंड भेजने की फ़ाईल 20 जनवरी से एलजी साहब की टेबल पर अटकी पड़ी हैं। मैंने उनसे पुनः अनुरोध किया है कि इस पर जल्द अपनी सहमति दें। फ़ाइल रोकने और घुमाने के चक्कर में ट्रेनिंग का अगला राउंड भी रद्द होने के कगार पर है।’’
सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ मैं माननीय एलजी से आग्रह करता हूं कि हमारे शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए विदेश जाने की अनुमति दी जाए। माननीय एलजी ने खुद कहा था कि वह इसके खिलाफ नहीं हैं।’’
और पढ़िए – प्रदेश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
संबंधित खबरें
दिल्ली-नोएडा समेत NCR में बिगड़ा मौसम, दिन में छाया अंधेरा; IMD का अलर्ट
21 mins agoतिहाड़ में कैसे बीती आशुतोष और सौरभ की पहली रात, अलग-अलग बैरक में क्यों?
38 mins agoसुप्रीम कोर्ट पहुंचा जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट बैन का मामला, याचिका दाखिल
17 hrs agoदिल्ली के किन इलाकों में 15 अक्टूबर को गुल रहेगी बिजली, चेक करें अपना एरिया
18 hrs agoअभिजीत दीपके के मेंटर रिहा, सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों भेजा तिहाड़?
23 hrs agoसौरव-आशुतोष को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, दीपके बोले-तिरंगा लहराना जुर्म नहीं
1 day agoजंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट के तौर पर हटाने का आदेश किसने दिया?: दिल्ली HC
1 day agoसौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर में घुसना पड़ा भारी, FIR दर्ज
1 day agoदिल्ली में 14 अक्टूबर इन इलाकों में घंटों गुल रहेगी बिजली, चेक करें एरिया
1 day agoदिल्ली में बिजली सब्सिडी के लिए बदले नियम, अब आधार हुआ अनिवार्य
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines