दिल्ली पुलिस ने भारतीय मूल की जर्मन नागरिक पूनम जेजलर को गिरफ्तार किया है. उस पर आरोप लगाया गया है कि उसने जर्मन नागरिकता दिलाने का झूठा वादा करके एक व्यक्ति से 60 लाख रुपये लिए थे. महिला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर किया गया था, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया. वह स्विट्जरलैंड में ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ की अध्यक्ष हैं. उसका पति स्विस नागरिक है, वह उसके साथ ही स्विट्जरलैंड में रहती हैं. उसने दावा किया था कि वह मध्य प्रदेश के पूर्व कानून सचिव की बेटी है.
बुधवार को उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने उसे दोबारा दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. एक दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया था. पुलिस ने उसे 13 अक्टूबर को IGI एयरपोर्ट से पकड़ा था. महिला के खिलाफ वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में 2025 में FIR दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर गिरफ्तारी हुई है. जेजलर को 2022 में ‘भारत कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया गया था.
कोर्ट को बताया गया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची और शिकायतकर्ता प्रांजल कुमार को झांसा देकर उसके बैंक खातों में 60 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए. यह रकम उसे जर्मन नागरिकता दिलाने के नाम पर ली गई थी. पैसे दो बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी. आरोपी ने शिकायतकर्ता का परिचय रजत अरोड़ा नाम के एक व्यक्ति से भी कराया था. इसके बारे में बताया गया कि वह जर्मन दूतावास में काम करता है. हालांकि, जर्मन नागरिकता नहीं दिलाई गई और पैसे भी वापस नहीं किए गए.
जांच अधिकारी ने बताया कि इस मामले में आरोपी का पहले पता नहीं लगाया जा सका. वह एक जर्मन नागरिक है और फिलहाल स्विट्जरलैंड में रह रही थी. जांच अधिकारी ने यह भी बताया कि आरोपी को खोजने की कोशिश की गई थी और टीम मुंबई भी गई थी, जहां उसकी बेटी और बेटा रहते हैं. हालांकि, वहां का एड्रेस गलत निकला. पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया और उसका बैंक अकाउंट भी फ्रीज कर दिया गया.