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दिल्ली से पटना का सफर अब सिर्फ 5 घंटे में, बिहार-यूपी समेत इन 4 राज्यों को जोड़ने आ रही है देश की सबसे लंबी बुलेट ट्रेन!

भारत में बुलेट ट्रेन का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है. देश की पहली बुलेट ट्रेन (अहमदाबाद-मुंबई) के बाद दिल्ली से बिहार के लिए भी बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है, जिसे हरी झंडी मिल चुकी है. आइए जानते हैं दिल्ली से पटना के लिए शुरू होने वाली बुलेट ट्रेन की पूरी डिटेल्स.

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खबर की मुख्य बातें:-

  • दिल्ली से पटना के लिए बुलेट ट्रेन चलाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है.
  • दिल्ली से पटना के लिए अलग से रेल कोरिडोर नहीं बनेगा, बल्कि दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को आगे पटना तक बढ़ाया जाएगा और फिर उसे और आगे बढ़ाते हुए बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंचाया जाएगा.
  • दिल्ली -पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के तैयार होने से 12-16 घंटों का सफर महज 4 घंटे 41 मिनट में पूरा हो सकेगा.
  • इन सबके अलावा देश के कई रूट्स पर बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है.

Bihar Bullet Train News: भारतीय रेलवे इतिहास में एक बड़ी क्रांति होने जा रही है. देश की राजधानी दिल्ली से बिहार की राजधानी पटना के बीच का सफर अब आधा या एक-तिहाई नहीं, बल्कि सीधे घटकर सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट का होने वाला है. केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के जरिए यह संभव होने जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ दिल्ली से बिहार का सफर आसान और सुविधाजनक हो जाएगा बल्कि इस रूट में पड़ने वाले सभी जिलों व शहरों में विकास की रफ्तार में भी इजाफा होगा.

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बता दें कि वर्तमान में दिल्ली से पटना जाने वाली सबसे तेज प्रीमियम ट्रेनें जैसे तेजस या राजधानी एक्सप्रेस भी करीब 12 से 14-16 घंटे का लंबा समय लेती हैं. जो अक्सर मेन लाइन में ट्रैफिक के कारण बढ़ भी जाता है. लेकिन इस नई हाई-स्पीड रेल सेवा के शुरू होने से न सिर्फ आम यात्रियों के समय की भारी बचत होगी, बल्कि परिवहन और कनेक्टिविटी के मामले में भी देश एक नए युग में प्रवेश कर जाएगा.

यह भी पढ़ें: Bullet Train News: दिल्ली से इन 4 रूटों पर दौड़ेगी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन, कनेक्ट होंगे 50 शहर,

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दिल्ली से बिहार ही नहीं 4 राज्यों को मिलेगी कनेक्टिविटी

यह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश के चार प्रमुख राज्यों- दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ेगा. मूल रूप से तैयार किए जा रहे दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर को अब आगे बढ़ाते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक ले जाने की बड़ी योजना है. यह पूरा प्रोजेक्ट दिल्ली-हावड़ा के सबसे व्यस्त रेल रूट के समानांतर एक बेहद आधुनिक विकल्प पेश करेगा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट के तैयार होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी तक की लंबी दूरी की यात्रा महज 6 घंटे में सिमट जाएगी और लंबे थकाऊ सफर से आजादी मिलेगी.

क्या आपके शहर से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन?

दिल्ली- वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रोजेक्ट का एक बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा, जो इसे इस रूट का सबसे बड़ा पावर सेंटर बनाता है. दिल्ली से रवाना होने के बाद यह हाई-स्पीड ट्रेन यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मथुरा, आगरा, अलीगढ़, इटावा, लखनऊ, सुल्तानपुर, न्यू भदोही, अयोध्या और वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों को आपस में कनेक्ट करेगी. इन शहरों में स्टेशन बनने से न सिर्फ औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी, बल्कि पर्यटन और विशेष रूप से अयोध्या और वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन बेहद सुगम और तेज हो जाएगा और साथ ही पढ़ाई के लिए बड़े शहर को जाने वाले छात्रों को भी आसानी होगी.

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बिहार में तैयार होंगे 5 प्रमुख स्टेशन

बिहार के विकास और बुनियादी ढांचे के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है. राज्य के भीतर बुलेट ट्रेन नेटवर्क के लिए मुख्य रूप से 5 बड़े स्टेशनों को विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिनमें बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया और कटिहार शामिल हो सकते हैं. रूट की बात करें तो वाराणसी से आगे बढ़ते हुए यह ट्रेन बक्सर, आरा, पटना, बख्तियारपुर, बेगूसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया होते हुए किशनगंज के रास्ते पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में प्रवेश करेगी. इस विशाल रूट के कारण बिहार के सुदूर इलाकों की पहुंच भी देश की राजधानी तक बेहद आसान हो जाएगी.

350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन

इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण पूरी तरह से अत्याधुनिक वैश्विक मानकों के आधार पर किया जा रहा है. भारत की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की तर्ज पर ही दिल्ली-सिलीगुड़ी रूट को भी डिजाइन किया गया है. इस ट्रैक पर ट्रेनों की अधिकतम डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जबकि ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेंगी. इस प्रोजेक्ट में जापान की मशहूर ‘शिन्कान्सेन’ (Shinkansen) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके तहत बिना गिट्टी वाले मजबूत कंक्रीट ट्रैक (Ballastless Track) तैयार किए जाते हैं, जो बेहद सुरक्षित और आधुनिक होते हैं.

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बिहार में रेल विकास के लिए 1.15 लाख करोड़

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के अलावा भी बिहार के रेल नेटवर्क को पूरी तरह से बदलने की तैयारी चल रही है. राज्य में बुनियादी रेल ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक बनाने के लिए वर्तमान में 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है. इस महा-प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से वाराणसी तक के खंड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम काफी आगे बढ़ चुका है. वहीं, वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक के अगले हिस्से के लिए हवाई सर्वे और जमीनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है.

विषयजानकारी
प्रोजेक्टदिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
कनेक्ट होने वाले राज्यदिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल
दिल्ली से पटना यात्रा समयकरीब 4 घंटे 41 मिनट (प्रस्तावित)
दिल्ली से सिलीगुड़ी यात्रा समयकरीब 6 घंटे (प्रस्तावित)
अधिकतम परिचालन गति320 किमी प्रति घंटा
डिजाइन स्पीड350 किमी प्रति घंटा
तकनीकजापानी शिन्कान्सेन (Ballastless Track)
बिहार के संभावित प्रमुख स्टेशनबक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार
योजना की वर्तमान स्थितिDPR और सर्वे का कार्य जारी

भविष्य के लिहाज से कितना फायदेमंद है ये रेल प्रोजेक्ट?

दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन सिर्फ एक रेल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों के लिए आर्थिक प्रगति का एक नया जरिया बनने जा रही है. तेज कनेक्टिविटी होने से बिहार और यूपी के छोटे शहरों के व्यापारियों को दिल्ली और बंगाल के बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी. इसके अलावा, निर्माण कार्य और भविष्य में स्टेशनों के संचालन से लाखों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. कम समय में लंबी दूरी तय होने की वजह से चिकित्सा, शिक्षा और आपातकालीन सेवाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर लोगों को भी इससे बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है.

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भारत में कुल कितने रूट पर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन?

बता दें कि देश में एक या दो नहीं बल्कि कई रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने की योजना बनाई जा रही है. बात करें दिल्ली से जुड़ने वाले प्रमुख कॉरिडोर कि, तो
देश की राजधानी दिल्ली को केंद्र बनाकर 4 मुख्य रूटों पर बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी है, जो करीब 50 शहरों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देंगे, इसमें;

दिल्ली – वाराणसी कॉरिडोर (865 किमी): यह रूट वाया नोएडा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर और अयोध्या होते हुए वाराणसी पहुंचेगा.

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दिल्ली – वाराणसी – पटना – सिलीगुड़ी कॉरिडोर: दिल्ली-वाराणसी रूट को ही आगे बिहार (पटना) और पश्चिम बंगाल (न्यू जलपाईगुड़ी/सिलीगुड़ी) तक बढ़ाया जा रहा है. इसे भविष्य में असम (गुवाहाटी) तक ले जाने की भी योजना है.

दिल्ली – जयपुर – उदयपुर – अहमदाबाद कॉरिडोर (886 किमी): यह गुरुग्राम, रेवाड़ी, जयपुर, अजमेर और उदयपुर होते हुए अहमदाबाद पहुंचेगा, जिसे बाद में मुंबई-अहमदाबाद रूट से जोड़ दिया जाएगा (जिससे दिल्ली-मुंबई डायरेक्ट बुलेट ट्रेन सफर संभव हो सकेगा).

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दिल्ली – अमृतसर – जम्मू कॉरिडोर (459 किमी अमृतसर तक): यह रूट चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर और भविष्य में पठानकोट के रास्ते जम्मू और कटरा (वैष्णो देवी) तक जाएगा.

  • इसके अलावा दक्षिण और मध्य भारत को जोड़ने के लिए कुछ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर योजना पर भी काम चल रहा है. इनमें, सात नए कॉरिडोर ये हैं;
  • मुंबई-पुणे
  • बेंगलुरु-चेन्नई
  • बेंगलुरु-हैदराबाद
  • पुणे-हैदराबाद
  • दिल्ली-लखनऊ
  • दिल्ली-वाराणसी
  • दिल्ली-सिलीगुड़ी

मुख्य निष्कर्ष:- दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को पटना और सिलीगुड़ी तक बढ़ाने की योजना पर काम जारी है. परियोजना पूरी होने पर दिल्ली से पटना का सफर करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरा हो सकेगा, जिससे चार राज्यों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.

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यह भी पढ़ें: Aaj ka Mausam 8 July: दिल्ली-NCR समेत 18 जिलों में बारिश का अलर्ट, IMD का मानसून पर अपडेट

Frequently Asked Questions

दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना पर काम चल रहा है। फिलहाल इसकी आधिकारिक संचालन तिथि घोषित नहीं की गई है.
प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली से पटना का सफर करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरा होने का अनुमान है.
यह बुलेट ट्रेन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ेगी.
प्रस्तावित रूट के तहत बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया/मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज जैसे शहरों को कनेक्ट करने की योजना है. अंतिम सूची परियोजना के अनुसार तय होगी.
First published on: Jul 08, 2026 11:59 AM

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Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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