दिल्ली सरकार ने राजधानी के लोगों और एयर ट्रैवल सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट बैठक में Aviation Turbine Fuel (ATF) पर लगने वाले वैट (VAT) को 25 प्रतिशत से घटाकर सिर्फ 7 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है. सरकार ने फिलहाल इस नई दर को शुरुआती छह महीनों के लिए लागू करने का फैसला किया है.
सरकार का मानना है कि इस फैसले का सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ेगा और यात्रियों को सस्ती उड़ानों का लाभ मिल सकता है. ATF यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल एयरलाइंस के संचालन में सबसे महंगे खर्चों में से एक माना जाता है, ऐसे में टैक्स में इतनी बड़ी कटौती से एयरलाइंस कंपनियों की लागत कम होगी, जिसका फायदा यात्रियों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.
यह भी पढ़ें: दिल्लीवालों की मौज! अब मेट्रो से उतरते ही होगा अपना घर, DDA 14 जगहों पर बना रहा है हजारों
एयर कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती
दिल्ली सरकार के अनुसार यह फैसला सिर्फ यात्रियों को राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राजधानी की एयर कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी. माना जा रहा है कि कम टैक्स दर की वजह से एयरलाइंस कंपनियां दिल्ली को अपने संचालन के लिए अधिक प्राथमिकता दे सकती हैं. इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिसका असर व्यापार, पर्यटन और निवेश पर भी देखने को मिल सकता है.
विकसित दिल्ली विजन की ओर बड़ा कदम
कैबिनेट के इस फैसले को दिल्ली सरकार ने 'विकसित दिल्ली' के विजन से जोड़ते हुए एक बड़ा कदम बताया है. सरकार का कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी और सस्ता हवाई सफर राजधानी की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगा. इसके साथ ही एयरपोर्ट से जुड़े रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी हो सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कई राज्यों में ATF पर वैट की दरें अलग-अलग हैं और ज्यादा टैक्स की वजह से एयरलाइंस कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है. दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद अन्य राज्यों पर भी दबाव बढ़ सकता है कि वे अपने यहां ATF पर टैक्स दरों की समीक्षा करें.
हालांकि, यह देखना भी अहम होगा कि एयरलाइंस कंपनियां टैक्स में मिली राहत का कितना फायदा यात्रियों तक पहुंचाती हैं. अगर किरायों में कमी आती है तो इसका सबसे ज्यादा लाभ मध्यम वर्ग और नियमित यात्रा करने वाले लोगों को मिल सकता है. दिल्ली सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह कदम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे. फिलहाल यह फैसला छह महीने के लिए लागू रहेगा, जिसके बाद इसके प्रभाव का आकलन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
यह भी पढ़ें: Rs 5000 Pension Scheme: हर महीने लगाएं सिर्फ 210 रुपये, पाएंगे 5000 की गारंटीड पेंशन, जानें क्या हैं नियम
दिल्ली सरकार ने राजधानी के लोगों और एयर ट्रैवल सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट बैठक में Aviation Turbine Fuel (ATF) पर लगने वाले वैट (VAT) को 25 प्रतिशत से घटाकर सिर्फ 7 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है. सरकार ने फिलहाल इस नई दर को शुरुआती छह महीनों के लिए लागू करने का फैसला किया है.
सरकार का मानना है कि इस फैसले का सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ेगा और यात्रियों को सस्ती उड़ानों का लाभ मिल सकता है. ATF यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल एयरलाइंस के संचालन में सबसे महंगे खर्चों में से एक माना जाता है, ऐसे में टैक्स में इतनी बड़ी कटौती से एयरलाइंस कंपनियों की लागत कम होगी, जिसका फायदा यात्रियों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.
यह भी पढ़ें: दिल्लीवालों की मौज! अब मेट्रो से उतरते ही होगा अपना घर, DDA 14 जगहों पर बना रहा है हजारों
एयर कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती
दिल्ली सरकार के अनुसार यह फैसला सिर्फ यात्रियों को राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राजधानी की एयर कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी. माना जा रहा है कि कम टैक्स दर की वजह से एयरलाइंस कंपनियां दिल्ली को अपने संचालन के लिए अधिक प्राथमिकता दे सकती हैं. इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिसका असर व्यापार, पर्यटन और निवेश पर भी देखने को मिल सकता है.
विकसित दिल्ली विजन की ओर बड़ा कदम
कैबिनेट के इस फैसले को दिल्ली सरकार ने ‘विकसित दिल्ली’ के विजन से जोड़ते हुए एक बड़ा कदम बताया है. सरकार का कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी और सस्ता हवाई सफर राजधानी की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगा. इसके साथ ही एयरपोर्ट से जुड़े रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी हो सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कई राज्यों में ATF पर वैट की दरें अलग-अलग हैं और ज्यादा टैक्स की वजह से एयरलाइंस कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है. दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद अन्य राज्यों पर भी दबाव बढ़ सकता है कि वे अपने यहां ATF पर टैक्स दरों की समीक्षा करें.
हालांकि, यह देखना भी अहम होगा कि एयरलाइंस कंपनियां टैक्स में मिली राहत का कितना फायदा यात्रियों तक पहुंचाती हैं. अगर किरायों में कमी आती है तो इसका सबसे ज्यादा लाभ मध्यम वर्ग और नियमित यात्रा करने वाले लोगों को मिल सकता है. दिल्ली सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह कदम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे. फिलहाल यह फैसला छह महीने के लिए लागू रहेगा, जिसके बाद इसके प्रभाव का आकलन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
यह भी पढ़ें: Rs 5000 Pension Scheme: हर महीने लगाएं सिर्फ 210 रुपये, पाएंगे 5000 की गारंटीड पेंशन, जानें क्या हैं नियम