दिल्ली के 32 छात्र स्कूल से क्यों निकाले गए, DPS का विवाद पहुंचा हाई कोर्ट, जानें क्या है मामला?

Delhi High Court: दिल्ली पब्लिक स्कूल का छात्रों को निकाले जाने का विवादा दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। बच्चों के अभिभावकों ने याचिका दायर करके बच्चों को वापस स्कूल में लेने और पढ़ाई का एक साल खराब होने से बचाने की गुहार लगाई है।

Delhi High Court | Delhi Public School

दिल्ली पब्लिक स्कूल का छात्रों को निकाले जाने का विवाद दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है।

दिल्ली में द्वारका स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल ने फीस वृद्धि विवाद के चलते 32 छात्रों को स्कूल से निकाल दिया। स्कूल से निष्कासित 32 छात्रों के अभिभावकों ने अब अपने बच्चों की स्कूल में वापसी के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में उन्होंने दावा किया है कि स्कूल ने शिक्षा निदेशालय (DOI) को लिखित नोटिसों और शिकायतों को बार-बार नजरअंदाज किया। फीस के लिए जमा किए गए चेक को जानबूझकर डेबिट करने से परहेज किया।

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अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने बिना किसी पूर्व सूचना या उचित कारण के 32 नाबालिग छात्रों को मनमाने ढंग से जबरदस्ती स्कूल से निकाल दिया, जो न्यायालय के आदेश और न्याय के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है। इनमें से कई छात्र वर्तमान में 10वीं कक्षा में हैं, जिन्होंने 9वीं कक्षा में रहते हुए बोर्ड एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है।

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याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप

अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। बाउंसरों ने उन्हें धमकाया। 2 घंटे तक बस में बिठाए रखा और फिर अंत में घर पर छोड़ दिया। 14 मई 2025 को महिला बाउंसरों और पुरुष बाउंसर स्कूल में तैनात किए गए। यह चौंकाने वाली बात है कि न तो पुलिस अधिकारी और न ही प्रशासन का कोई अन्य व्यक्ति मदद करने को तैयार है, क्योंकि उनका कहना है कि मामला विचाराधीन है।

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अभिभावकों ने 18 जुलाई 2024 को जारी हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के निर्देश के खिलाफ स्कूल की चुनौती के जवाब में अपनी याचिका दायर की थी। आयोग ने छात्रों के निष्कासन, स्कूल की वेबसाइट पर उनके नामों को सार्वजनिक करने और एक छात्रा को मासिक धर्म के दौरान सहायता उपलब्ध नहीं कराने की घटना का हवाला देते हुए पुलिस को स्कूल के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 जुलाई को इस आदेश पर रोक लगा दी थी।

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हाई कोर्ट ने की थी स्कूल की निंदा

पिछले महीने, दिल्ली उच्च न्यायालय ने छात्रों को लाइब्रेरी में बंद करने और बकाया फीस के कारण उन्हें क्लास में बैठने से रोकने के लिए दिल्ली पब्लिक स्कूल की कड़ी आलोचना की थी। न्यायालय ने स्कूल की हरकतों की निंदा करते हुए कहा था कि यह घिनौना और अमानवीय है। यह शैक्षणिक संस्थान से ज्यादा पैसा कमाने वाली मशीन की तरह काम करता है। छात्रों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को यातना का एक रूप बताते हुए न्यायाधीश ने संकेत दिया था कि स्कूल केप्रिंसिपल पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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