Delhi-Alwar Namo Bharat RRTS: अब गुरुग्राम से राजस्थान का सफर सिर्फ 1.5 घंटे में, NCR को लगने वाली है लॉटरी
Namo Bharat Train: अब राजस्थान का सफर घंटे से घटकर मिनटों में पूरा हो सकेगा. दरअसल, राजस्थान को भी रैपिड ट्रांजिट सिस्टम(RRTS) नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है, जिसे दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और रोजगार आदि कई तरह के फायदे मिलेंगे.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 19, 2026 13:34
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 19, 2026 13:34
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दिल्ली-गुरुग्राम से अलवर तक रैपिड रेल. (Image: AI)
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दिल्ली-NCR वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है, दिल्ली-गुरुग्राम रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच सहमति बनने के बाद यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में दोनों राज्य के कई जिलों को अच्छी कनेक्टिविटी मिलेगी और दोनों राज्यों के बीच 4-6 घंटे की यात्रा से भी राहत मिलेगी और राजधानी के लिए डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी, और रूट पर पड़ने वाले जिलों का विकास हो सकेगा.
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर कॉरिडोर, जो नई दिल्ली के सराय काले खान से शुरू होगा मुनिरका, एयरोसिटी, गुरुग्राम और बावल से होकर गुजरेगा, और SNB से आगे खैरथल और अलवर तक जाएगा. वहीं, इस कॉरिडोर का दूसरा हिस्सा, जो SNB से अलग होकर आगे बढ़ेगा, नीमराना और बहरोड़ होते हुए सोतानाला तक बढ़ाया जाएगा. इस पहल से NCR के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों, जिनमें राजस्थान के भिवाड़ी और नीमराना शामिल हैं उनका को सीधा फायदा होगा, और साथ ही निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
22 मुख्य स्टेशन के साथ पूरा होगा 196 किलोमीटर लंबा रूट
196 किलोमीटर लंबा यह महत्वाकांक्षी रूट दिल्ली, गुरुग्राम और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी की नई परिभाषा लिखने जा रहा है. इस पूरे सफर में कुल 22 मुख्य स्टेशन होंगे, जो एनसीआर के कई प्रमुख जिलों को आपस में जोड़कर क्षेत्रीय विकास को तेज करेंगे. इस परियोजना की खास बात यह है कि इसका 91 किलोमीटर का हिस्सा राजस्थान में पड़ेगा, जहां 6 अत्याधुनिक स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं. 160 किमी/घंटा की तूफानी रफ्तार से दौड़ने वाली नमो भारत ट्रेन के जरिए यात्री अब घंटों की थकाऊ दूरी को महज कुछ मिनटों में पूरा कर सकेंगे.
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दिल्ली-अलवर नमो भारत कॉरिडोर से जुड़ी 3 बड़ी बातें:
इंडस्ट्रियल बेल्ट को ‘महा-बूस्ट’: उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार, यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा और रेवाड़ी के उद्योगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इससे न सिर्फ कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा.
ग्राउंडवर्क शुरू (MCG का बड़ा फैसला): प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने कास्टिंग यार्ड बनाने के लिए 1,200 वर्ग मीटर जमीन को हरी झंडी दे दी है.
पहला फेज (Delhi-Gurugram-SNB): NCRTC सबसे पहले दिल्ली-गुरुग्राम से एसएनबी (Shahjahanpur-Neemrana-Behror) स्ट्रेच पर काम पूरा करेगा. इसके बाद यह कॉरिडोर रेवाड़ी-बावल-नीमराना मैन्युफैक्चरिंग हब को सीधे जोड़ते हुए राजस्थान में एंट्री करेगा.