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राजधानी दिल्ली के इन इलाकों में अब चलेगा बुलडोजर! ड्रोन सर्वे से चिह्नित हो रहे इलाके, DDA ने लगाए बोर्ड

दिल्ली में यमुना के ओ-जोन क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए DDA ने ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया है. मदनपुर खादर और सोनिया विहार समेत संवेदनशील इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाकर प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

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खबर की मुख्य बातें:-
  • दिल्ली में यमुना के O-Zone (बाढ़ प्रभावित क्षेत्र) को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए DDA ने बड़ा अभियान शुरू किया है.
  • दूसरे चरण का ड्रोन सर्वे तेजी से किया जा रहा है, ताकि O-Zone की सीमा स्पष्ट हो सके और नए अवैध निर्माण रोके जा सकें.
  • मदनपुर खादर, सोनिया विहार और करावल नगर समेत कई इलाकों में करीब 300 चेतावनी साइनबोर्ड लगाए जा रहे हैं.
  • यमुना के O-Zone में करीब 90 अवैध कॉलोनियां बसी हुई हैं.

देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के ओ-जोन (O zone) (बाढ़ प्रभावित क्षेत्र) को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक व्यापक और बड़ा अभियान शुरू किया है. दिल्ली हाई कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के कड़े रुख और दिशा-निर्देशों के बाद प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है. इस अभियान के तहत ओ-जोन की सीमाओं को पूरी तरह से स्पष्ट करने, आम जनता को नियमों के प्रति सचेत करने और किसी भी नए अवैध निर्माण को रोकने के लिए दूसरे चरण का अत्याधुनिक ड्रोन सर्वे तेजी से किया जा रहा है. इसके साथ ही, लोगों को सचेत करने के लिए मदनपुर खादर, सोनिया विहार और करावल नगर जैसे संवेदनशील इलाकों में करीब 300 सार्वजनिक सूचना बोर्ड (चेतावनी साइनबोर्ड) भी लगाए जा रहे हैं, ताकि इन इलाकों के लोगों को इस एक्शन के बारे में मासलूम हो जाए.

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90 अवैध बस्तियों पर मंडराया संकट

यमुना नदी का कुल ओ-जोन क्षेत्र लगभग 9,700 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसके एक बड़े हिस्से यानी करीब 807 हेक्टेयर भूमि पर 90 के आसपास अवैध कॉलोनियां और बस्तियां बस चुकी हैं, जहां आज बड़ी संख्या में लोग लोग रहते हैं. इन अनधिकृत कॉलोनियों से निकलने वाला दूषित पानी, फैक्ट्रियों का कचरा और सीवेज सीधे यमुना नदी में जाकर मिल रहा है, जिससे नदी का प्रदूषण स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है. इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे नगर निगम (MCD) और डीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करें. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन सभी अवैध कॉलोनियों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए एक मजबूत और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करना है.

खाली कराई गई जमीन का भविष्य में क्या होगा?

अतिक्रमण हटाने के बाद खाली हुई जमीन का इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास परियोजनाओं के लिए किया जाएगा. मीडिया रिपोकर्ट के मुताबिक, DDA लगभग 4,841 एकड़ क्षेत्र में नेचर पार्क, बायोडायवर्सिटी पार्क, बांसेरा और आधुनिक रिवरफ्रंट जैसी परियोजनाएं विकसित कर रहा है, जिससे यमुना का प्राकृतिक स्वरूप बेहतर हो सके और लोगों को स्वच्छ और हरे-भरे सार्वजनिक स्थान मिल सकें. अधिकारियों के अनुसार दूसरे चरण का ड्रोन सर्वे अगले दो महीनों में पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे यमुना के बाढ़ क्षेत्र को सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा सके.

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किन इलाकों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर?

ड्रोन सर्वे और निगरानी अभियान के तहत जिन प्रमुख इलाकों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:

  • मदनपुर खादर
  • सोनिया विहार
  • करावल नगर
  • यमुना ओ-जोन के अन्य संवेदनशील बाढ़ क्षेत्र
  • अवैध कॉलोनियों और नए निर्माण वाले इलाके

इन क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित एजेंसियां कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं.

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क्या है O-Zone क्षेत्र?

अगर आप को इस बात की जानकारी नहीं है कि O-Zone एरिया क्या है और कौन सा है, तो बता दें कि दिल्ली सरकार के मास्टर प्लान 2021 के अनुसार, युमना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को O-Zone घोषित किया है. वैसे तो दिल्ली के सभी इलाकों को अलग-अलग जोन में रखा गया है, लेकिन O-Zone वाले इलाके वजीराबाद से ओखला तक करीब 22 किलोमीटर में फैला हुआ है और लगभग 9,700 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है, जिनमें बड़ी संख्या में बस्तियां व कॉलोनिया बने हुए हैं. नियमों के अनुसार यहां आवासीय निर्माण और स्थायी मकान का निर्माण नहीं किया जा सकता है, यही वजह है कि इन इलाकों में बीते कई दिनों से बुलडोजर एक्शन का खतरा मंडरा रहा है.

O-Zone में कौन-कौन से इलाके आते हैं?

  • मदनपुर खादर
  • जैतपुर
  • मीठापुर
  • झंगोला
  • सोनिया विहार के कुछ हिस्से
  • खजूरी खास
  • करावल नगर के कुछ हिस्से
  • जगतपुर
  • बुराड़ी के यमुना किनारे वाले क्षेत्र
  • उस्मानपुर
  • गढ़ी मांडू
  • शेरपुर
  • बेहटा हाजीपुर
  • ताजपुर खुर्द
  • छिल्ला गांव क्षेत्र
  • कोंडली के कुछ हिस्से
  • मयूर विहार के यमुना किनारे स्थित क्षेत्र
  • ओखला बैराज के आसपास के इलाके
  • आईटीओ बैराज के आसपास का फ्लडप्लेन क्षेत्र शामिल हैं.

मुख्य निष्कर्ष:- दिल्ली में यमुना के O-Zone को सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में DDA का यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. ड्रोन सर्वे, चेतावनी बोर्ड और संभावित कार्रवाई के जरिए प्रशासन अवैध निर्माण पर रोक लगाने और नदी के पर्यावरण को संरक्षित करने की कोशिश कर रहा है. अगर आपका क्षेत्र O-Zone की सीमा में आता है, तो नियमों की जानकारी रखना और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है.

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Frequently Asked Questions

दिल्ली नगर निगम (MCD) को प्रशासनिक कार्यों और वार्ड समितियों के प्रबंधन के लिए 12 ज़ोन में विभाजित किया गया है.
अवैध कॉलोनी (Unauthorized Colony) वे रिहायशी इलाके होते हैं जो सरकारी नियमों और नगर नियोजन (Town Planning) के मानकों को पूरा किए बिना बसाए जाते हैं.
First published on: Jun 29, 2026 06:38 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.

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