H1N1 के बढ़ते मामलों पर दिल्ली सरकार अलर्ट, CM रेखा गुप्ता ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग; स्कूलों को एडवाइजरी जारी
Swine Flu: दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने H1N1 के मामलों पर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है, क्योंकि दिल्ली में संक्रमण के लगभग 3000 मामले सामने आए हैं.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Aug 25, 2026 16:36
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Aug 25, 2026 16:36
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CM रेखा गुप्ता ने H1N1 के मामलों पर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. (Photo: ANI)
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दिल्ली में H1N1 वायरस (स्वाइन फ्लू ) के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह और अधिकारियों की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. दिल्ली में अब तक H1N1 वायरस के 3000 मामले सामने आ चुके हैं, जिसको देखते हुए दिल्ली सरकार कुछ अहम फैसले ले सकती है. हालांकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में H1N1 की स्थिति फिलहाल काबू में है और पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध हैं.
अस्पतालों को जारी किए गए सख्त निर्देश
इस बीच दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने H1N1 के मामलों पर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है, क्योंकि दिल्ली में संक्रमण के लगभग 3000 मामले सामने आए हैं. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज सिंह ने कहा कि राजधानी के अस्पतालों में H1N1 आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं और चेतावनी दी कि अगर मरीजों को बेड देने से मना किया गया तो कार्रवाई की जाएगी.
दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को मौसमी फ्लू/स्वाइन फ्लू (H1N1) से बचाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह. छात्रों और स्कूल स्टाफ के बीच स्वास्थ्य जागरूकता और श्वसन स्वच्छता को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं. गले में खराश, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान, ठंड लगना और बुखार जैसे लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है. एडवाइजरी में कहा गया है कि घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन समय पर जागरूकता और सावधानी जरूरी.
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स्कूल में वायरस से बचने के लिए क्या करें?
खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढकें, टिश्यू का उचित तरीके से निपटान करें.
खाने से पहले और खांसने-छींकने के बाद साबुन-पानी से हाथ धोने की आदत डालें.
सांस संबंधी लक्षण वाले लोगों से उचित दूरी बनाए रखें, जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें.
कक्षाओं, कॉमन एरिया और बार-बार छुई जाने वाली सतहों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें.
स्कूलों में पर्याप्त वेंटिलेशन और साफ-सफाई का ध्यान रखें, परिसर में थूकने से बचने की जागरूकता फैलाएं.
छात्रों को पर्याप्त पानी, पौष्टिक भोजन, पर्याप्त आराम और व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए प्रेरित करें.
आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें.
बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें.
एडवाइजरी की जानकारी प्रार्थना सभा, कक्षा, नोटिस बोर्ड, अभिभावक संचार और स्कूल के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए साझा करने के निर्देश दिए गए हैं.
#WATCH | Delhi CM Rekha Gupta says, "The city of Delhi is now in capable hands. Under the leadership of Prime Minister Narendra Modi and with the support of the Central Government, the Delhi Government is consistently working to resolve Delhi's long-standing legacy issues through… pic.twitter.com/CNZxnX3d5T
इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली एक बेहतर लीडरशिप के हाथों में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली सरकार बेहतर रणनीति के साथ लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सीवर और पानी की सप्लाई दिल्ली के लोगों की बड़ी समस्याएं रही हैं. दिल्ली के करीब आधे हिस्से में लोगों के पास पानी के कनेक्शन नहीं थे और कई जगहों पर 50 साल तक पुरानी सीवर लाइनें थीं.
दिल्ली सीएम ने आगे बताया कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 2,500 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी है. इन पैसों से दिल्ली जल बोर्ड ने वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) की पानी सप्लाई सुधारने के लिए पहले पैकेज में 805 करोड़ रुपये और दूसरे पैकेज में 935 करोड़ रुपये के कामों को मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा अर्बन चैलेंज फंड के जरिए भी दिल्ली में कई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. इसमें केंद्र सरकार 25% पैसा, दिल्ली सरकार अपने बजट से 25% पैसा देगी, जबकि बाकी 50% राशि दिल्ली जल बोर्ड बाजार से लोन लेकर जुटाएगा.
सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक इस फंड के जरिए दिल्ली में अंडरग्राउंड रिजर्वायर (UGR) बनाए जाएंगे, नई और बेहतर पानी की पाइपलाइन का नेटवर्क तैयार किया जाएगा और DMA मीटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा. इसका उद्देश्य पानी की सप्लाई को बेहतर बनाना, पानी की बर्बादी रोकना और लोगों तक पर्याप्त पानी पहुंचाना है.