आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से ताहिर हुसैन और उनके साथियों को फांसी की सजा देने की मांग की है. पुलिस ने सजा पर बहस करते हुए कोर्ट में कहा कि वारदात के समय आरोपी कसाई बन चुके थे. पुलिस ने इसे बेहद ठंडे दिमाग से किया गया हत्याकांड बताया. अंकित शर्मा की मौत हो जाने के बाद भी आरोपी उनके शरीर पर हमला करते रहे. जब उनका शव बरामद हुआ, तब उनके शरीर पर अंडरवियर के अलावा कोई कपड़ा मौजूद नहीं था. पुलिस ने कहा कि ऐसे अपराध के लिए सिर्फ फांसी ही होना चाहिए.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई क्रूरता
अदालत में पुलिस ने अंकित शर्मा पर की गई अत्यधिक बर्बरता का पूरा विवरण दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सबूतों के हवाले से बताया गया कि उनके शरीर पर कुल 51 गंभीर चोटें पाई गई थीं. इनमें से 7 चोटें ऐसी थीं जो अलग से ही मौत का कारण बनने के लिए काफी थीं. इसके अलावा 16 घाव धारदार हथियारों से दिए गए थे. पुलिस ने अदालत में कहा कि जिस तरह से धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया, वह इस अपराध की बर्बरता और क्रूरता को साफ तौर पर दिखाता है.
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सोची-समझी साजिश का आरोप
दिल्ली पुलिस ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि अपराधियों ने बेहद क्रूर और जघन्य तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस के मुताबिक यह इन लोगों की एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे बिना किसी रहम के अंजाम दिया गया. अदालत में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस ने कहा कि इंसानियत को शर्मसार करने वाले इस तरह के बर्बर और अक्षम्य अपराध के लिए सभी दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए. समाज में सख्त संदेश देने के लिए इन सभी दोषियों को सिर्फ और सिर्फ मौत की सजा मिलनी चाहिए.