CJP ready for talks with Govt : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और आंदोलन के प्रवक्ता सौरव दास ने आधिकारिक बयान देकर स्पष्ट किया है कि वे शिक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस/प्रशासन के जरिए सरकार ने उनसे संपर्क साधने की कोशिश की है, भले ही यह पहल काफी देर से की गई है, फिर भी CJP खुले दिल से संवाद के लिए तैयार है. हालांकि, प्रशासन की तरफ से अभी तक एजेंडे को लेकर कोई स्पष्टता नहीं मिली है, इसलिए "अब गेंद सरकार के पाले में है."
दिल्ली पुलिस ने राजीव चौक, जनपथ और पटेल चौक मेट्रो स्टेशनों के गेटों पर आवाजाही सीमित कर दी है. CJP की रणनीति एक तरफ दिल्ली में जनसैलाब के जरिए दबाव बनाए रखने की है, वहीं दूसरी तरफ वे कानूनी और प्रशासनिक बातचीत का रास्ता बंद नहीं कर रहे हैं ताकि आंदोलन को किसी अप्रिय घटना से बचाया जा सके.
'खुले दिल से वार्ता को तैयार, रुख साफ करे सरकार'
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में छात्रों और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है. सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नई दिल्ली जिले में धारा 163 BNSS लागू किए जाने और संसद मार्ग को सील किए जाने के बीच, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बात करते हुए आंदोलन का रुख स्पष्ट किया.
सौरव दास ने कहा, "प्रशासन ने सरकार की तरफ से बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश की है. वे बहुत देर से आए हैं, लेकिन हमने अपने दिल के दरवाजे बंद नहीं किए हैं. हम टेबल पर बैठकर देश के युवाओं के भविष्य पर बात करने को तैयार हैं. हालांकि, अभी तक उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रस्ताव नहीं आया है."
'अहिंसा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत'
जंतर-मंतर पर एकत्रित छात्रों और समर्थकों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है. उन्होंने युवाओं से अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया. गीतांजलि ने कहा कि "अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखें और मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण होना चाहिए. हमारी लड़ाई अहिंसक तरीकों से ही जीती जा सकती है."
सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके का संदेश
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक का अनशन 21वें दिन भी जारी है. उनकी तबीयत स्थिर है. उन्होंने युवाओं के इस जगाव को देश के लोकतंत्र के लिए एक नया सवेरा बताया है. वहीं, CJP अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्र देश में शिक्षा में पारदर्शिता की मांग पर अडिग हैं.
CJP ready for talks with Govt : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और आंदोलन के प्रवक्ता सौरव दास ने आधिकारिक बयान देकर स्पष्ट किया है कि वे शिक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस/प्रशासन के जरिए सरकार ने उनसे संपर्क साधने की कोशिश की है, भले ही यह पहल काफी देर से की गई है, फिर भी CJP खुले दिल से संवाद के लिए तैयार है. हालांकि, प्रशासन की तरफ से अभी तक एजेंडे को लेकर कोई स्पष्टता नहीं मिली है, इसलिए “अब गेंद सरकार के पाले में है.”
दिल्ली पुलिस ने राजीव चौक, जनपथ और पटेल चौक मेट्रो स्टेशनों के गेटों पर आवाजाही सीमित कर दी है. CJP की रणनीति एक तरफ दिल्ली में जनसैलाब के जरिए दबाव बनाए रखने की है, वहीं दूसरी तरफ वे कानूनी और प्रशासनिक बातचीत का रास्ता बंद नहीं कर रहे हैं ताकि आंदोलन को किसी अप्रिय घटना से बचाया जा सके.
‘खुले दिल से वार्ता को तैयार, रुख साफ करे सरकार’
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में छात्रों और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है. सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नई दिल्ली जिले में धारा 163 BNSS लागू किए जाने और संसद मार्ग को सील किए जाने के बीच, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बात करते हुए आंदोलन का रुख स्पष्ट किया.
सौरव दास ने कहा, “प्रशासन ने सरकार की तरफ से बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश की है. वे बहुत देर से आए हैं, लेकिन हमने अपने दिल के दरवाजे बंद नहीं किए हैं. हम टेबल पर बैठकर देश के युवाओं के भविष्य पर बात करने को तैयार हैं. हालांकि, अभी तक उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रस्ताव नहीं आया है.”
‘अहिंसा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत’
जंतर-मंतर पर एकत्रित छात्रों और समर्थकों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है. उन्होंने युवाओं से अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया. गीतांजलि ने कहा कि “अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखें और मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण होना चाहिए. हमारी लड़ाई अहिंसक तरीकों से ही जीती जा सकती है.”
सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके का संदेश
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक का अनशन 21वें दिन भी जारी है. उनकी तबीयत स्थिर है. उन्होंने युवाओं के इस जगाव को देश के लोकतंत्र के लिए एक नया सवेरा बताया है. वहीं, CJP अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्र देश में शिक्षा में पारदर्शिता की मांग पर अडिग हैं.