Delhi Assembly Elections 2025: राजधानी में फरवरी 2025 में चुनाव होने हैं, इस बीच राजनीतिक गलियारों में सरगर्मियां तेज हैं। आम आदमी पार्टी ने जहां सबसे पहले सभी 70 विधानसभाओं पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है वहीं, कांग्रेस ने भी 21 सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार दिए हैं। दोनों पार्टियों की लिस्ट पर नजर डालें तो इनमें पांच विधानसभा सीट ऐसी हैं जिन पर पूरी दिल्ली के लोगों की नजर बनी हुई है।
अब दिल्ली की हाई प्रोफाइल सीटों पर बीजेपी ऐसी छवि और राजनीतिक जमीन वाले उम्मीदवारों की तलाश कर रही है जो विपक्षी पार्टियों के दिग्गज नेताओं को हरा सकें। इस बारे में बीजेपी कोर ग्रुप का ‘मंथन’ जारी है। बुधवार शाम को संसद भवन गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर में भी इस बारे में बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में दिल्ली विधानसभा के बीजेपी चुनाव प्रभारी विजयंत पांडा, दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विरेन्द्र सचदेवा समेत दिल्ली के कुछ सासंद मौजूद हैं।
क्या केजरीवाल पर फिर विश्वास जताएगी दिल्ली की जनता?
नई दिल्ली विधानसभा पर आप के संस्थापक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल फिर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित को यहां से टिकट दिया है। साफ छवि और बेहद स्पष्टवक्ता संदीप अपनी दूरदर्शिता और काम के लिए जाने जाते हैं वहीं, केजरीवाल पर दिल्ली की जनता लगातार तीन बार से विश्वास जताते आई है। राजनीति गलियारों में ऐसी चर्चा है कि यहां से बीजेपी पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे और पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा को टिकट दे सकती है।
पटपड़गंज विधानसभा पर लगा ‘दाग’
पटपड़गंज विधानसभा सीट से आप विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को इस बार पार्टी ने जंगपुरा से चुनाव मैदान में उतारा है। सिसोदिया का शराब नीति घोटाले में नाम आने और जेल में रहने के बाद आप ने ये कदम उठाया है। इस सीट से कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक अनिल कुमार को टिकट दी है। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले अनिल की विधानसभा में मजबूत पकड़ मानी जाती है। लेकिन इलाके की जनता ने पिछली बार आप पर भरोसा जताया था।
दंगों से दहल गए थे मुस्तफाबाद विधानसभा के लोग
फरवरी 2022 में मुस्तफाबाद विधानसभा इलाके में दंगे हुए थे, उस समय यहां आप पार्टी से ताहिर हुसैन निगम पार्षद थे, जिन पर दंगों का आरोप लगा है और वह जेल में बंद हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने ताहिर को मुस्तफाबाद से चुनाव मैदान में उतारा है। जबकि आप ने यहां से आदिल अहमद खान को प्रत्याशी चुना है। आदिल पूर्व पत्रकार और आजादपुर मंडी के चेयरमैन रह चुके हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने यहां से अली मेहंदी को अपना प्रत्याशी बनाया है। अली मुस्तफाबाद से पूर्व विधायक हसन अहमद के बेटे हैं।
जीत के लिए पांच बार के विधायक पर जताया भरोसा
राजधानी की सीलमपुर विधानसभा पर आप ने पूर्व कांग्रेस विधायक मतीन अहमद के बेटे जुबैर को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने यहां से अब्दुल रहमान को टिकट दिया है। बता दें अब्दुल वर्तमान में इस सीट से विधायक हैं और दोबारा टिकट न मिलने पर आप छोड़कर कांग्रेस में गए हैं। इसके अलावा चांदनी चौक इलाके में कांग्रेस ने पूर्व राज्यसभा सदस्य और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल के बेटे मुदित अग्रवाल को टिकट दी है। वहीं, यहां से आप ने पांच बार के विधायक प्रह्लाद सिंह साहनी को टिकट दिया है।