बिहार में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाकर JDU भाजपा के इशारे पर काम कर रही है. तेजस्वी यादव ने JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा को भी पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि संजय झा भाजपा की इच्छा के मुताबिक पार्टी चला रहे हैं.

अमित शाह के बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल

तेजस्वी यादव से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान को लेकर सवाल पूछा गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा. इसके बाद JDU की ओर से संजय झा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर अमित शाह से बातचीत करेंगे. JDU के भीतर भी UCC को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है. JDU नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि पार्टी UCC विधेयक के प्रावधानों का अध्ययन करेगी और आपत्तिजनक प्रावधान नहीं होने पर सिर्फ विरोध के लिए विरोध नहीं करेगी. वहीं, JDU के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि नीतीश कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि संसद में UCC विधेयक का समर्थन करने के बावजूद बिहार में इसे लागू करने का विरोध किया जाएगा.

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तेजस्वी बोले- UCC का विरोध जारी रहेगा

तेजस्वी यादव ने कहा कि RJD पहले भी UCC का विरोध करती रही है और आगे भी हर स्तर पर इसका विरोध करेगी. उन्होंने JDU की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपने पुराने रुख को लेकर स्पष्ट नहीं है. तेजस्वी के मुताबिक, संजय झा भाजपा की इच्छा के अनुसार JDU को चला रहे हैं.

बाढ़ के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर केंद्र सरकार बाढ़ के नुकसान का आकलन करने के लिए खुद टीम भेज रही है, तो क्या उसे बिहार सरकार के आकलन पर भरोसा नहीं है. तेजस्वी ने कहा कि केंद्र और राज्य में NDA की सरकार होने के बावजूद बिहार के लिए कोई स्पष्ट विकास मॉडल सामने नहीं आया है. उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के नुकसान और राहत कार्यों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए.

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