'गालियां दीं, चप्पल उठाई, मजबूरी में छोड़े मां-बाप...', रोहिणी आचार्य ने लिखी नई फेसबुक पोस्ट

Rohini Acharya Controversy: रोहिणी आचार्य ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर परिवार के बारे में खुलासे किए हैं. उन्होंने खुद पर हुए अत्याचार की कहानी बयां की और बताया कि उन्हें गालियां दी गईं और उन्हें चप्पल मारने की कोशिश की गई. रोहिणी बिहार की राजनीति और परिवार को छोड़कर चली गई हैं.

rohini acharya, lalu yadav, tejashwi yadav

रोहिणी आचार्य ने परिवार पर बेइज्जत करने के आरोप लगाए हैं.

Rohini Acharya New Post: लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक और पोस्ट लिखकर नया खुलासा किया है. रोहिणी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया. गंदी गालियां दी गईं, मुझे मारने के लिए चप्पल उठाया गया, मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया.

विज्ञापन

रोहिणी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने सच का समर्पण नहीं किया, सिर्फ और सिर्फ इसी वजह से उन्हें बेइज्जती झेलनी पड़ी. कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप और बहनों को छोड़ आई. मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया. मुझे अनाथ बना दिया गया. आप सब मेरे रास्ते कभी न चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा न हो.

विज्ञापन

मंत्री अशोक चौधरी ने दी प्रतिक्रिया

बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने रोहिणी आचार्य को लेकर कहा कि यह लालू यादव परिवार का व्यक्तिगत मामला है और इस पर टिप्पणी करना सही नहीं है. रोहिणी आचार्य ने जिस तरीके का शब्दों का प्रयोग किया, जिस तरीके का बयान देकर वह गई है, बहुत मार्मिक और दर्दनाक है. यह लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के लिए बहुत दुखद बात है.

बता दें कि बीती रात रोहिणी आचार्य ने X पोस्ट लिखकर ऐलान किया कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार को भी छोड़कर जा रही हैं. उनकी इस पोस्ट ने बिहार के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी. पोस्ट लिखने के बाद रोहिणी पटना एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं और वहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए परिवार को लेकर कई बड़े खुलासे किए.

विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रतिक्रिया

RJD नेता रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करुंगा, क्योंकि मैं समझ सकता हूं कि जब कोई परिवार ऐसी मुश्किल परिस्थिति से गुजरता है तो उसकी मानसिक स्थिति क्या होती है? मैं भी इससे गुजरा हूं, हमारे बीच राजनीतिक मतभेद भले ही रहे हों.

लेकिन मैंने लालू यादव के परिवार को हमेशा अपना माना है. चाहे तेजस्वी हों, तेजप्रताप हों, मीसा हों या रोहिणी, मैंने उन्हें अपना भाई-बहन माना है. इसलिए मैं प्रार्थना करता हूa कि यह पारिवारिक विवाद जल्द से जल्द सुलझ जाए. अगर परिवार में एकता है तो व्यक्ति बाहर की मुश्किल परिस्थितियों से लड़ सकता है. परिवार जरूर मुश्किल हालात से गुजर रहा होगा.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ