दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के बाद बिहार में बड़ा हादसा हुआ है। मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग लगी है। हादसा आज सुबह करीब 3 बजे ICU में शॉर्ट सर्किट होने से हुआ। आग इतनी तेजी से भड़की कि पूरे ICU में धुंआ फैल गया। हादसे में करीब 10 मरीजों की मौत होने का दावा है। वहीं करीब 20 मरीज रेस्क्यू किए गए हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। मुजफ्फरपुर के DM सुब्रत कुमार सेन सिर्फ 3 लोगों की मौत की पुष्टि कर रहे हैं।
5वीं मंजिल पर लगी थी आग
ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने के बाद हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई थी। आग 5वीं मंजिल पर बने ICU वार्ड में लगी, जिससे अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागते दिखे। दमकल कर्मियों ने आग में फंसे हुए मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर निकाला। सभी पीड़ितों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मुजफ्फरपुर अग्निशमन विभाग के अधिकारी आर.एन. पांडेय ने हादसे की पुष्टि की और मीडिया को रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में ब्रीफ किया।
वार्ड में घना काला धुंआ भरा
अधिकारी पांडेय ने बताया कि आज सुबह करीब 3 बजे अस्पताल में आग लगने की खबर मिली। मौके पर पहुंचे तो देखा कि 5वीं मंजिल पर लोग फंसे हुए हैं। स्थिति बेहद खराब थी, क्योंकि पूरा वार्ड घने और काले धुएं से भरा हुआ था। करीब 10 वाहनों के दमकल कर्मियों को बचाव अभियान में दिक्कत आई, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद वार्ड में फंसे 20 मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया। आग लगने के कारणों की तलाश जारी है, लेकिन शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट है।
अस्पताल स्टाफ मौके से भागा
आग लगने के बाद लोगों और मरीजों के परिजनों का गुस्सा फूटा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और संवदेनशीलता के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि आग लगते ही अस्पताल का स्टाफ, डॉक्टर और नर्स मरीजों को छोड़ मौके से भाग गए। फायर ब्रिगेड कर्मियों का भी कहना है कि जब मौके पर पहुंचे तो अस्पताल का स्टाफ नहीं मिला। एक पीड़ित ने मीडिया को बताया कि उसके ICU में भर्ती थे और हादसे में उनकी जान चली गई है। इसके लिए अस्पताल जिम्मेदार है।
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के बाद बिहार में बड़ा हादसा हुआ है। मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग लगी है। हादसा आज सुबह करीब 3 बजे ICU में शॉर्ट सर्किट होने से हुआ। आग इतनी तेजी से भड़की कि पूरे ICU में धुंआ फैल गया। हादसे में करीब 10 मरीजों की मौत होने का दावा है। वहीं करीब 20 मरीज रेस्क्यू किए गए हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। मुजफ्फरपुर के DM सुब्रत कुमार सेन सिर्फ 3 लोगों की मौत की पुष्टि कर रहे हैं।
5वीं मंजिल पर लगी थी आग
ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने के बाद हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई थी। आग 5वीं मंजिल पर बने ICU वार्ड में लगी, जिससे अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागते दिखे। दमकल कर्मियों ने आग में फंसे हुए मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर निकाला। सभी पीड़ितों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मुजफ्फरपुर अग्निशमन विभाग के अधिकारी आर.एन. पांडेय ने हादसे की पुष्टि की और मीडिया को रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में ब्रीफ किया।
वार्ड में घना काला धुंआ भरा
अधिकारी पांडेय ने बताया कि आज सुबह करीब 3 बजे अस्पताल में आग लगने की खबर मिली। मौके पर पहुंचे तो देखा कि 5वीं मंजिल पर लोग फंसे हुए हैं। स्थिति बेहद खराब थी, क्योंकि पूरा वार्ड घने और काले धुएं से भरा हुआ था। करीब 10 वाहनों के दमकल कर्मियों को बचाव अभियान में दिक्कत आई, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद वार्ड में फंसे 20 मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया। आग लगने के कारणों की तलाश जारी है, लेकिन शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट है।
अस्पताल स्टाफ मौके से भागा
आग लगने के बाद लोगों और मरीजों के परिजनों का गुस्सा फूटा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और संवदेनशीलता के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि आग लगते ही अस्पताल का स्टाफ, डॉक्टर और नर्स मरीजों को छोड़ मौके से भाग गए। फायर ब्रिगेड कर्मियों का भी कहना है कि जब मौके पर पहुंचे तो अस्पताल का स्टाफ नहीं मिला। एक पीड़ित ने मीडिया को बताया कि उसके ICU में भर्ती थे और हादसे में उनकी जान चली गई है। इसके लिए अस्पताल जिम्मेदार है।