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कौन थीं कामसुंदरी देवी? जिनके निधन से मिथिला में मातम, भारत में राजशाही की अंतिम निशानी

Kamasundari Devi death: बिहार में दरभंगा के राजघराने की आखिरी महारानी कामसुंदरी देवी का आज निधन हो गया. वह 90 साल की थीं और दरभंगा राज्य के आखिरी महाराजा कामेश्वर सिंह की पत्नी थीं. उनके निधन से पूरे मिथिलांचल और विशेषकर दरभंगा में शोक का माहौल है. राजसी परंपराओं की संरक्षक होने के साथ-साथ उनकी सामाजिक कार्यों में उनकी गहरी रुचि थी.

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Kamasundari Devi death: दरभंगा के राजघराने की आखिरी महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के साथ ही सुनहरे इतिहास का एक और अध्याय समाप्त हो गया है. 90 वर्ष की आयु में महारानी कामसुंदरी देवी ने दरभंगा स्थित अपने कल्याणी निवास पर अंतिम सांस ली. उन्हें मिथिला की संस्कृति और लोक कलाओं को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था. महाराजा कामेश्वर सिंह के निधन के बाद कामसुंदरी देवी ने दशकों तक राज परिवार की गरिमा और सामाजिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया. उनके निधन को मिथिला के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है.

कामसुंदरी देवी के निधन से पूरे मिथिलांचल और विशेषकर दरभंगा में शोक का माहौल है. शाही परिवार के सदस्यों के अलावा स्थानीय नेताओं, विद्वानों और आम जनता ने कामसुंदरी देवी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है.

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कामसुंदरी देवी से जुड़े शाही इतिहास को जानें

1930 के दशक में जन्मीं महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा के अंतिम महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं. दोनों का विवाह 1940 के दशक में हुआ था. महाराजा कामेश्वर सिंह ने पहले महारानी राजलक्ष्मी और महारानी कामेश्वरी प्रिया से शादी की थी.महाराजा कामेश्वर सिंह का निधन 1962 में हुआ, जबकि उनकी पहली पत्नी महारानी राजलक्ष्मी का निधन 1976 में हुआ. दूसरी पत्नी महारानी कामेश्वरी प्रिया का निधन 1940 में हो चुका था.

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कामसुंदरी देवी ने महाराजा की स्मृति में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की जो मिथिला की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने का काम करती है. फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने महाराजा की निजी लाइब्रेरी, जिसमें 15,000 से अधिक किताबें और पांडुलिपियां हैं उनको जनता के लिए उपलब्ध कराया.

सितंबर 2025 से खराब रहने लगी थी तबीयत

महारानी कामसुंदरी देवी की तबीयत सितंबर 2025 में उस समय से खराब रहने लगी थी, जब वह बाथरूम में फिसलकर गिर गई थीं. ब्रेन हेमरेज की दिक्कत के चलते उन्हें दरभंगा के निजी अस्पताल में आईसीयू में भी रखा गया था, पोते युवराज कपिलेश्वर सिंह भी उनके साथ रहे. डाक्टरों के मुताबिक, स्थिति नियंत्रण थी, लेकिन तबीयत में ज्यादा सुधार नहीं हो पाया था.

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First published on: Jan 12, 2026 04:17 PM

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Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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