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बिहार

बिहार विधानसभा में ‘ब्राह्मणवाद’ पर भिड़े संदीप सौरभ और विजय सिन्हा, उंगली दिखा दी देख लेने की धमकी!

बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान यूजीसी को लेकर हंगामा हुआ. माले विधायक संदीप सौरव बोले, उच्च शिक्षण संस्थानों में जातियों को लेकर भेदभाव किया जाता है इसलिए बिहार में यूजीसी के नए नियम को लागू किया जाए. उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा - मैं भूमिहार ब्राह्मण समाज से हूं, मेरी रैगिंग हुई, भेदभाव हुआ.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Feb 20, 2026 16:00
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बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जब यूजीसी (UGC) इक्विटी गाइडलाइन के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आपस में भिड़ गए. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ और भाजपा विधायक मुरारी मोहन ठाकुर के बीच जमकर बहस हुई. दोनों ने एक-दूसरे को उंगली दिखाई और सदन के भीतर ही ‘देख लेने’ की धमकी तक दे डाली. सदन में हंगामा बढ़ता देख राजद विधायक आलोक मेहता ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया ऐसी है जैसे ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’. वहीं, बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि विपक्ष में बैठे लोगों को ब्राह्मणों से बेवजह तकलीफ है, उन्हें ‘ब्राह्मणवाद’ का सही अर्थ ही समझ नहीं आता.

कैसे हुई विवाद की शुरुआत

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विवाद की शुरुआत तब हुई जब माले विधायक संदीप सौरभ ने उच्च शिक्षण संस्थानों में होने वाले जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाया. उन्होंने मांग की कि बिहार में यूजीसी के नए नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए. संदीप सौरभ ने कहा, “उच्च शिक्षण संस्थानों में जातियों को लेकर भेदभाव चरम पर है. जब भी सुधार की बात होती है, ब्राह्मणवादी मानसिकता के लोग विरोध शुरू कर देते हैं.” उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि 2019 से 2024 के बीच उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत विवादों के मामलों में 118 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने रोहित वेमुला जैसे छात्रों की आत्महत्या का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से इस पर सख्त कानून बनाने की मांग की.

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डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का पलटवार: “मेरी भी हुई थी रैगिंग”

सदन में माले विधायक के द्वारा ब्राह्मणवाद को लेकर टिप्पणी किए जाने पर सत्ता पक्ष की विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई. उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का यदि आप सम्मान करते हैं तो इस तरह के का भाषा उचित नहीं है… किसी की भी मृत्यु पूरे देश और राज्य के लिए क्षति होती है. भावुक होते हुए विजय सिन्हा ने कहा कि मैं भी मुजफ्फरपुर के टेक्निकल कॉलेज में पढ़ने गया था. मैं भूमिहार ब्राह्मण समाज से आता हूं, वहां मेरी भी जबरदस्त रैगिंग हुई थी. मुझे हॉस्टल से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया गया था. समाज में जहर घोलने वाले लोग बाबा साहब अंबेडकर के जाति-विहीन समाज के सपने को तार-तार कर रहे हैं.

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First published on: Feb 20, 2026 04:00 PM

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