‘जब नीतीश जी नहीं तो मैं भी नहीं’, विधायक अनंत सिंह का बड़ा ऐलान-अब नहीं लड़ेंगे चुनाव
बिहार की सियासत में अपने बेबाक अंदाज और रसूख के लिए मशहूर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. 'यह मेरा आखिर चुनाव है ' बोले अनंत सिंह - यह मेरा अंतिम कार्यकाल था, जब नीतीश जी नहीं तो मैं भी नहीं.
Edited By : Vijay Jain|Updated: Mar 16, 2026 13:16
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बिहार की राजनीति में अपने दबदबे के लिए पहचाने जाने वाले मोकामा के विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह ने बड़ा राजनीतिक ऐलान कर दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अब वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और यह उनका अंतिम कार्यकाल होगा. अगली बार चुनावी मैदान में उनका बेटा उतरेगा. अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले ही यह बात साफ कर दी थी कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में नहीं रहेंगे तो वह भी चुनाव नहीं लड़ेंगे. अब जब यह तय है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहेहैं, तो मैनें भी तय कर लिया है कि अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे.
"जब नीतीश जी नहीं, तो मैं भी नहीं"
अनंत सिंह ने अपने इस फैसले के पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा को सबसे बड़ा कारण बताया है. उन्होंने कहा कि "मैंने पहले ही यह बात साफ कर दी थी कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में नहीं रहेंगे, तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा. अब जब यह चर्चा तेज है कि नीतीश जी राज्यसभा जा रहे हैं, तो मैंने भी अपना मन बना लिया है. यह मेरा अंतिम कार्यकाल है."
अब 'लाल' संभालेगा मोकामा का किला
सिर्फ संन्यास ही नहीं, अनंत सिंह ने उत्तराधिकार को लेकर भी तस्वीर साफ कर दी है. उन्होंने घोषणा की है कि अगले विधानसभा चुनाव में वह खुद मैदान में उतरने के बजाय अपने बेटे (बाल-बुतुरु) को चुनावी अखाड़े में उतारेंगे. मोकामा की जनता के बीच 'छोटे सरकार' के नाम से पहचाने जाने वाले अनंत सिंह का यह फैसला उनके समर्थकों के लिए काफी चौंकाने वाला है.
बिहार की राजनीति में अपने दबदबे के लिए पहचाने जाने वाले मोकामा के विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह ने बड़ा राजनीतिक ऐलान कर दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अब वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और यह उनका अंतिम कार्यकाल होगा. अगली बार चुनावी मैदान में उनका बेटा उतरेगा. अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले ही यह बात साफ कर दी थी कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में नहीं रहेंगे तो वह भी चुनाव नहीं लड़ेंगे. अब जब यह तय है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहेहैं, तो मैनें भी तय कर लिया है कि अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे.
“जब नीतीश जी नहीं, तो मैं भी नहीं”
अनंत सिंह ने अपने इस फैसले के पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा को सबसे बड़ा कारण बताया है. उन्होंने कहा कि “मैंने पहले ही यह बात साफ कर दी थी कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में नहीं रहेंगे, तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा. अब जब यह चर्चा तेज है कि नीतीश जी राज्यसभा जा रहे हैं, तो मैंने भी अपना मन बना लिया है. यह मेरा अंतिम कार्यकाल है.”
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अब ‘लाल’ संभालेगा मोकामा का किला
सिर्फ संन्यास ही नहीं, अनंत सिंह ने उत्तराधिकार को लेकर भी तस्वीर साफ कर दी है. उन्होंने घोषणा की है कि अगले विधानसभा चुनाव में वह खुद मैदान में उतरने के बजाय अपने बेटे (बाल-बुतुरु) को चुनावी अखाड़े में उतारेंगे. मोकामा की जनता के बीच ‘छोटे सरकार’ के नाम से पहचाने जाने वाले अनंत सिंह का यह फैसला उनके समर्थकों के लिए काफी चौंकाने वाला है.