Bihar Energy Minister Bijendra Prasad Yadav: बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि साल 2024 में राज्य के एनर्जी सेक्टर में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। साथ ही राज्य के लोगों को बिजली की बेहतर सेवा और सुविधाएं उपलब्ध कराने कि दिशा में काम किया है। अपने इसी काम को 2025 में आगे बढ़ाते हुए ऊर्जा विभाग राज्य के लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
लोगों को मिल रही सस्ती बिजली
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजनातर्गत राज्य के लोगों को अत्यंत सस्ती बिजली मुहैया करायी जा रही है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए कुल 15343 करोड़ रूपये की अनुदान की राशि स्वीकृत की गयी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि कृषि कार्य के लिए निर्धारित बिजली दर में राज्य सरकार द्वारा 92 अनुदान दिए जाने के फलस्वरूप अब किसानों को मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली का खर्च पड़ता है जिससे अब बिजली से सिंचाई करना डीजल तुलना में दस गुणा से भी अधिक सस्ता है।
किसानों को फ्री में मिला बिजली का कनेक्शन
मुख्यमंत्री कृषि विद्युत सम्बन्ध योजना के अंतर्गत राज्य के किसानों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-2025 में कुल 1.50 लाख कृषि विद्युत सम्बन्ध के लक्ष्य को माह दिसम्बर 2024 में ही पूर्ण कर लिया गया है। उन्होने बताया कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना है। आखिर में किसानों को निःशुल्क कृषि सम्बंध दिये जाने के निर्धारित लक्ष्य को समय से पहले पूरा कर लेने हेतु रणनीति बनायी जा चुकी है। इसके साथ ही अलग कृषि फीडरों का निर्माण भी तेजी से किया जाना है। साथ ही कृषि फीडरों का सोलराईजेशन कार्य भी वर्ष 2025 के महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक है।
पटना में नहर किनारे नई परियोजना का निर्माण
उर्जा मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष कजरा (लखीसराय) में 254 मेगावाट आवर बैट्री एवं 185 मेगावाट का सौर परियोजना तथा देश की सबसे बड़ी बैटरी भंडारण परियोजना (254 मेगावाट आवर) का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। साथ ही पटना के विक्रम में नहर किनारे 02 मेगावाट की परियोजना के निर्माण एवं नवादा जिला के फुलवरिया जलाशय में 10 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया।
10433 सरकारी भवनों पर लगा रूफटॉप सोलर
जल जीवन हरियाली अभियान अंतर्गत राज्य के सरकारी भवनों पर ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर परियोजना का अधिष्ठापन किया गया जा रहा है। जिसके तहत दिसम्बर 2024 तक कुल 10433 सरकारी भवनों पर 94.34 मेगावाट के तथा कुल 5683 निजी भवनों पर भी अबतक 21 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट का अधिष्ठाापन किया जा चुका है। कृषि के लिए फीडर सोलरजाइजेशन योजना (पीएम कुसुम) के तहत राज्य के 1121 शक्ति उपकेन्द्रों से 3681 कृषि फीडर्स को सोलराईजेशन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
बैटरी भंडारण परियोजना का लक्ष्य
कैबिनेट मंत्री ने कजरा (लखीसराय) में 185 मेगावॉट के साथ 254 मेगावॉट आवर की बैटरी भण्डारण परियोजना को 2025 में ही पूरा करने का लक्ष्य बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि फुलवरिया (नवादा) में फ्लोटिंग सौर परियोजना तथा विक्रम (पटना) में नहर के किनारे की परियोजना को इस वर्ष ही पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रामीण इलाकों में लगी 4.60 लाख सोलर स्ट्रीट
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि जल जीवन हरियाली योजना के तहत इस साल लक्ष्य के अनुरूप सरकारी भवनों के छतों तथा निजी भवनों के छतों पर भी ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट अधिष्ठापित कर दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाईट के अन्तर्गत सभी पंचायतों में वर्ष 2024 में 4.60 लाख सोलर स्ट्रीट लगाये जा चुके हैं तथा इस वर्ष निर्धारित कुल 11.00 लाख सोलर स्ट्रीट लाईट लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
आत्मनिर्भर हुई बिजली वितरण कम्पनियां
मंत्री ने बताया कि पिछले साल 2024 रिवैम्पड् डिस्ट्रब्यूशन सेक्टर स्कीम योजना के तहत कुल 465 डेडिकेटेड कृषि फीडर बनाये गये तथा 31,320 सर्किट किलोमीटर वितरण लाईन का रिकन्डक्टरिंग किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-2024 में पहली बार राज्य की दोनों वितरण कम्पनियां वित्तीय रूप से आत्म निर्भर हो गयी हैं जिसके तहत वितरण कम्पनियो द्वारा पहली बार वित्तीय मुनाफे के साथ रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण किया गया है। जानकारी दी गयी कि वितरण कम्पनियों के आत्म निर्भर होने से उपभोक्ताओं को 15 पैसे सस्ती बिजली उपलब्ध होगी। वर्ष 2024 में अभी तक की राज्य की अधिकतम बिजली आपूर्ति 8005 मेगावाट तक की गई है।
7 ग्रिड उपकेन्द्रों को किया गया ऊर्जान्वित
ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2024 में कुल 7 ग्रिड उपकेन्द्रों का ऊर्जान्वित किया गया, अब राज्य में ग्रिड उपकेन्द्रों की संख्या 170 हो गई है। राज्य की संचरण कम्पनी द्वारा पहली बार गैस इन्सलेटेड स्विचगियर तकनीकी पर आधारित पटना में तीन ग्रिड उपकेन्द्रों (दीघा न्यू, मीठापुर एवं बोर्ड कॉलोनी) को ऊर्जान्वित किया गया। संचरण प्रणाली सुदृढीकरण एवं विस्तार की योजनाओं के पूर्ण होने से वर्ष 2024 में संचरण विद्युत निकासी 14928 मेगावाट हो गयी है। माननीय मंत्री द्वारा बताया गया कि अगले वर्ष राज्य के संचरण कम्पनी का पहला 400 केवी स्तर का ग्रिड उपकेन्द्र, बख्तियारपुर को ऊर्जान्वित किये जाने का लक्ष्य है।
रिन्यूएबल एनर्जी के सेक्टर में आए निवेश
ऊर्जा मंत्री ने बताया गया कि पिछले साल पटना में आयोजित बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024 में सबसे ज्यादा निवेश के MoU रिन्यूएबल एनर्जी के सेक्टर में किए गए। उन्होंने बताया कि इस साल पम्प स्टोरेज पावर सिस्टम और ग्रीन हाईड्रोजन एनर्जी के सेक्टर में नए प्रोजेक्ट्स लगाये जाने की उम्मीद जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग निवेशकों को इस काम के लिए सभी प्रकार के जरुरी सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि राज्य के लोगों को सस्ती, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली के साथ-साथ उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं की सुविधाएं देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार काम कर रहे हैं।
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