बिहार में बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) रेलवे मिनिस्ट्री को सौंप दी है. दिल्ली से वाराणसी और आगे पटना होते हुए सिलिगुड़ी तक हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी पर तेजी से काम किया जा रहा है. प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सीनियर टेक्नीकल अफसरों को तैनात करना भी शुरू कर दिया है.
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क्या है मकसद?
मोदी सरकार ने 2026-27 के बजट में ये ऐलान किया था कि सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर डेवलप किया जाएगा. इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं. सरकार का मकसद है कि दिल्ली-वाराणसी यात्रा करीब 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सके और वाराणसी-सिलीगुड़ का सफर करीब 2 घंटे 50 मिनट में पूरा हो जाए. उम्मीद की जा रही है कि हाई-स्पीड ट्रेन के आने के बाद पटना से सिलीगुड़ी तक का सफर 2 घंटे में तय हो जाएगा. ये प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिल्ली से पटना की यात्रा में करीब 4 घंटे 41 मिनट तक का वक्त लगेगा. वहीं दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंचने में करीब 6 घंटे 45 मिनट लग सकते हैं.
कितनी स्पीड होगी?
हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दिल्ली से पटना की दूरी 1000 किलोमीटर है और इस दूरी को तय करने में अभी करीब 10 से 12 घंटे लगते हैं. लेकिन केंद्र सरकार ने इस सफर को कम करने के लिए रूट पर बुलेट ट्रेन दौड़ाने का फैसला किया है. इस रूट पर प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की संभावित स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है. इतनी स्पीड के साथ दिल्ली से पटना तक पहुंचने में 12 की बजाय सिर्फ 4.5 घंटे लगेंगे. राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और दुरंतो एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम सुपरफास्ट ट्रेनें भी लोगों के 12 घंटे के सफर को कम नहीं कर सकीं, लेकिन बुलेट ट्रेन इसमें जरूर कामयाब होगी. दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के रूट में दिल्ली, नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी जैसे शहर शामिल हो सकते हैं.
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