Kapil Dev On Team India Split Coaching: कपिल देव ने इंडियन क्रिकेट टीम में स्प्लिट कोचिंग को लेकर अपनी राय रखी है. इस वक्त गौतम गंभीर सभी फॉर्मेट में भारत के हेड कोच हैं. हालांकि, हाल ही में भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप झेलनी पड़ी थी. जिसके बाद गंभीर को सबसे बड़े फॉर्मेट से हटाने की मांगें उठने लगीं थीं. इस बीच, भारत ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन पिछले 12 से 15 महीनों में सफेद जर्सी में काफी स्ट्रगल किया है.
'जो अच्छा है, वही करना चाहिए'
हालांकि, कपिल ने खुद को रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल फॉर्मैट में अलग कोचिंग के विचार से दूर रखा. उन्होंने इस जिम्मेदारी को बीसीसीआई पर डाल दिया कि वो ऐसा फैसला लें जो भारतीय क्रिकेट के फेवर में हो. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता. मैं इसका जवाब नहीं दे सकता. आपको सच में इसके बारे में सोचकर ये तय करना होगा कि क्या होना चाहिए. जो भी क्रिकेट के लिए अच्छा है, मुझे लगता है कि उन्हें वही करना चाहिए.'
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लीग बनाम देश
इसके अलावा, कपिल देव ने उन खिलाड़ियों के बारे में भी अपनी राय दी जो देश के लिए खेलने की बजाय टी20 लीग को ज्यादा पसंद करते हैं. उन्होंने माना कि देश के लिए खेलना हमेशा आईपीएल में खेलने से ज्यादा अहम है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहने की कोशिश की कि हर शख्स और उनकी सोच अलग होती है. उन्होंने कहा, 'हर कोई पैसे पसंद करता है, लेकिन कुछ खिलाड़ी महसूस करते हैं कि ये बहुत अहम है. मुझे अभी भी लगता है कि भारत के लिए खेलना आईपीएल खेलने से ज्यादा जरूरी है. लेकिन हर कोई अलग होता है, उनकी अपनी सोच होती है. उन्हें शुभकामनाएं.'
सोशल मीडिया का असर
66 साल के लेजेंड ने ये भी बताया कि खिलाड़ियों की निगरानी हमेशा से होती रही है और कुछ नहीं बदला है, हालांकि इशारा है कि सोशल मीडिया ने मॉडर्न क्रिकेट में क्रिकेटरों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. उन्होंने कहा, 'नहीं, हमेशा ऐसा ही रहा है. तब मुश्किल था, अब भी मुश्किल है. तब आसान था और अब भी आसान है. आपका माइंडसेट ज्यादा जरूरी है.'
Kapil Dev On Team India Split Coaching: कपिल देव ने इंडियन क्रिकेट टीम में स्प्लिट कोचिंग को लेकर अपनी राय रखी है. इस वक्त गौतम गंभीर सभी फॉर्मेट में भारत के हेड कोच हैं. हालांकि, हाल ही में भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप झेलनी पड़ी थी. जिसके बाद गंभीर को सबसे बड़े फॉर्मेट से हटाने की मांगें उठने लगीं थीं. इस बीच, भारत ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन पिछले 12 से 15 महीनों में सफेद जर्सी में काफी स्ट्रगल किया है.
‘जो अच्छा है, वही करना चाहिए’
हालांकि, कपिल ने खुद को रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल फॉर्मैट में अलग कोचिंग के विचार से दूर रखा. उन्होंने इस जिम्मेदारी को बीसीसीआई पर डाल दिया कि वो ऐसा फैसला लें जो भारतीय क्रिकेट के फेवर में हो. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता. मैं इसका जवाब नहीं दे सकता. आपको सच में इसके बारे में सोचकर ये तय करना होगा कि क्या होना चाहिए. जो भी क्रिकेट के लिए अच्छा है, मुझे लगता है कि उन्हें वही करना चाहिए.’
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लीग बनाम देश
इसके अलावा, कपिल देव ने उन खिलाड़ियों के बारे में भी अपनी राय दी जो देश के लिए खेलने की बजाय टी20 लीग को ज्यादा पसंद करते हैं. उन्होंने माना कि देश के लिए खेलना हमेशा आईपीएल में खेलने से ज्यादा अहम है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहने की कोशिश की कि हर शख्स और उनकी सोच अलग होती है. उन्होंने कहा, ‘हर कोई पैसे पसंद करता है, लेकिन कुछ खिलाड़ी महसूस करते हैं कि ये बहुत अहम है. मुझे अभी भी लगता है कि भारत के लिए खेलना आईपीएल खेलने से ज्यादा जरूरी है. लेकिन हर कोई अलग होता है, उनकी अपनी सोच होती है. उन्हें शुभकामनाएं.’
सोशल मीडिया का असर
66 साल के लेजेंड ने ये भी बताया कि खिलाड़ियों की निगरानी हमेशा से होती रही है और कुछ नहीं बदला है, हालांकि इशारा है कि सोशल मीडिया ने मॉडर्न क्रिकेट में क्रिकेटरों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. उन्होंने कहा, ‘नहीं, हमेशा ऐसा ही रहा है. तब मुश्किल था, अब भी मुश्किल है. तब आसान था और अब भी आसान है. आपका माइंडसेट ज्यादा जरूरी है.’