धोनी के इस टैलेंट को कॉपी करना चाहते हैं प्रभसिमरन सिंह, आखिर क्या है PBKS के विकेटकीपर का अरमान?

Why MS Dhoni is Prabhsimran Singh Idol: इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में अब तक प्रभसिमरन सिंह ने टूर्नामेंट में 80 रन बनाए हैं और वो अपनी टीम के लिए कूपर कोनोली (108 रन) के बाद दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. उनकी ख्वाहिश ‘कैप्टन कूल’ जैसा बनने की है.

MS Dhoni Prabhsimran Singh

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Why MS Dhoni is Prabhsimran Singh Idol: पंजाब किंग्स के खिलाड़ी प्रभसिमरन सिंह चेन्नई सुपरकिंग्स एमएस धोनी को उनकी विकेटकीपिंग स्किल्स के लिए अपना आदर्श मानते हैं और विकेट के पीछे उन्हीं जैसा बनना चाहते हैं. वो देश के उभरते हुए टैलेंट्स में से एक हैं. जब से उन्होंने पंजाब किंग्स जॉइन की है, उनका ग्राफ ऊपर ही गया है और फिलहाल वो पीबीकेएस के लिए फर्स्ट च्वॉइस विकेटकीपर-बैटर हैं.

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धोनी जैसा बनने की ख्वाहिश

एक टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर प्रभसिमरन सिंह अपनी बैटिंग स्टाइल को फॉलो करके खुश हैं और दूसरों की नकल नहीं करते, लेकिन विकेटकीपर के तौर पर वो धोनी जैसा बनने की पूरी कोशिश करते हैं. आखिर उनके लिए माही सबसे बड़े आदर्श क्यों हैं, इसके बारे में उन्होंने बताया है.

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प्रभसिमरन ने मीडिया से कहा, ‘आप ये नहीं कह सकते कि मैं किसी की नकल करने की कोशिश करता हूं. वो सभी मेरे सीनियर हैं, और हर किसी का खेलने का अपना अलग स्टाइल है, जबकि मेरा अपना है.” उन्होंने आगे कहा, “अब जब मैं विकेटकीपिंग भी कर रहा हूँ, तो मैंने माही भाई की विकेटकीपिंग देखी है—उनके हाथ कितने तेज चलते हैं! मैं बैटिंग में किसी की नकल करने की कोशिश नहीं करता, लेकिन जब विकेटकीपिंग की बात आती है, तो मैं जान-बूझकर माही भाई जैसा बनने की कोशिश करता हूँ.”

‘इम्पैक्ट सब’ का फायदा

प्रभसिमरन ने कहा, ‘एक युवा खिलाड़ी के तौर पर, मैं ‘इम्पैक्ट सब’ (Impact Sub) नियम को युवा खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन मौके के तौर पर देखता हूं, और मैंने ये बात कई बार कही है. बहुत से लोगों को ये पसंद नहीं आता, क्योंकि जाहिर है, जब टीम में कोई एक्स्ट्रा प्लेयर- चाहे वह बल्लेबाज हो या गेंदबाज- शामिल होता है, तो टीम ज्यादा जोखिम भरे फैसले ले सकती है.’

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पुराने दिनों को किया याद

प्रभसिमरन ने पीबीकेएस के साथ अपने शुरुआती दिनों को याद किया, जब उन्हें खेलने के नियमित मौके नहीं मिलते थे, और बताया कि कैसे ‘इम्पैक्ट सब’ नियम से युवा क्रिकेटरों को फायदा हुआ है. पीबीकेएस के ओपनर ने आगे कहा, ‘जब मैंने (PBKS) फ्रेंचाइजी जॉइन की थी, तो मैंने उनके साथ आठ साल बिताए, और उन 8 सालों में से चार साल मुझे खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिले. बाउंड्री के बाहर बैठकर, मैं हमेशा खेलने के एक मौके की उम्मीद करता रहता था, और अब, ‘इम्पैक्ट सब’ नियम की वजह से, मुझे लगता है कि युवाओं के लिए मौके काफी बढ़ गए हैं.’

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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