Pakistan Cricket Team: लॉर्ड्स टेस्ट मैच में पाकिस्तान की टीम को 194 रनों के हार का सामना करना पड़ा था. उस हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले थे. मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, इमाम उल हक, अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, आमिर जमाल और मोहम्मद अवैस जफर को बीच दौरे से ही वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था. उनके अलावा हेड कोच सरफराज अहमद और और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी वापस भेज दिया गया था. अब टीम पर फिक्सिंग का आरोप लग रहा है.
क्यों पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने लिया ऐसा फैसला?
बीच सीरीज में हुए इन बदलावों के पीछे का कारण सभी जानना चाहते हैं. नई रिपोर्टस के मुताबिक खिलाड़ियों को वापस भेजने का कारण उनकी फॉर्म नहीं थी. अन्य कारणों की वजह से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ये बड़ा फैसला किया था. हालांकि उस विषय पर पीसीबी और ईसीबी ने चुप्पी साथ रखी है. दोनों ही टीमें फिलहाल तीसरे टेस्ट मैच की तैयारी में लगी हुई हैं. हालांकि नए रिपोर्ट्स के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड दबाव में नजर आ रही है.
इस बारे में पीसीबी के मीडिया डिजिटल संचार निदेशक आमिर मीर ने पोस्ट करके कहा, ‘पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अनुशासन और व्यवहार से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के बाद एक इंटरनल डिसिप्लिनरी जांच शुरू की है. जिसका अभी इंटरनल रिव्यू किया जा रहा है. PCB ऐसे मामलों को अपने स्टैंडर्ड प्रोसीजर के हिसाब से हैंडल करता है. यह प्रोसेस PCB रेगुलेशन के तहत किया जा रहा है, जिससे यह पक्का हो सके कि सभी संबंधित लोगों पर सही ध्यान दिया जाए. इस स्टेज पर, कुछ प्लेटफॉर्म पर चल रही कोई भी अंदाजा लगाने वाली रिपोर्ट या बिना वेरिफिकेशन वाले दावे, खासकर जो दुश्मन बाहरी सोर्स से आ रहे हैं, उन्हें भरोसेमंद नहीं माना जाना चाहिए. PCB इस समय इस पर और कोई कमेंट नहीं करेगा. बोर्ड स्टेकहोल्डर्स और जनता को सलाह देता है कि वे PCB की ऑफिशियल बातचीत पर भरोसा करें.’
खिलाड़ियों से बोर्ड ने जमा करा लिया फोन
पाकिस्तान की समाचार एजेंसी 365 न्यूज के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों से फोन छीन लिया था. वो फोन अब आखिरी टेस्ट मैच के खत्म होने तक बोर्ड के पास ही रहेंगे. ऐसे में भी मैच फिक्सिंग का शक बहुत ज्यादा गहरा जाता है. दरअसल आईसीसी के नियमों के मुताबिक सिर्फ मैच के समय ही खिलाड़ी फोन अपने पास नहीं रख सकते हैं. मैच के बाद फोन खिलाड़ियों के पास ही रहता है. ऐसे में पीसीबी से इस फैसले पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
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आपको बता दें कि साल 2010 में जब पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी. उस समय भी मैच फिक्सिंग के आरोप सलमान बट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ के ऊपर लगे थे. ऐसे में पीसीबी के अंदर एक बार फिर से डर का माहौल है. फिलहाल हर कुछ महीने में ही पाकिस्तान क्रिकेट टीम एक बड़े विवाद में फंस जाती है.
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