Kerala Cricket League 2025: केरल क्रिकेट लीग के दूसरे सीजन में कोच्चि ब्लू टाइगर्स चैंपियन बनी है. इस टीम ने फाइनल मुकाबले में एरीज कोल्लम नाविक को एकतरफा अंदाज में शिकस्त दी और खिताब जीता. 7 सितंबर को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में कोच्चि ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 181 रन किए थे, जवाब में कोल्लम नाविक सिर्फ 16.3 ओवर खेल सकी और 106 रनों पर सिमट गई. कोच्चि ने यह मैच 75 रनों से अपने नाम किया. कोच्चि ने संजू सैमसन के भाई शैली सैमसन की कप्तानी में खिताब जीता है. इस सीजन संजू भी टीम के लिए 6 मैच खेले और रनों की बारिश की. खिताब दिलाने में उनका भी खास योगदान रहा है.
फाइनल के हीरो रहे विनूप मनोहरन
फाइनल में कोच्चि के लिए विनूप मनोहरन हीरो रहे, जिन्होंने ओपनिंग में आकर 70 रनों की तूफानी पारी खेली. उनके बल्ले से 30 बॉल पर 9 चौके और 4 छक्के निकले. स्ट्राइक रेट 233.33 का रहा. उनके अलावा आखिर में अल्फी फ्रांसिस जॉन ने 7वें नंबर पर आकर 25 बॉल पर 47 रन कूटे, जिसमें 5 चौके और 3 छक्के शामिल थे. बाकी के बल्लेबाज फ्लॉप रहे. इसके बाद भी टीम 181 रनों तक पहुंच गई थी.
Behold, the 𝐂𝐇𝐀𝐌𝐏𝐈𝐎𝐍𝐒 of the Federal Bank KCLSeason2 – the Kochi Blue Tigers! 🤩🏆#KCLSeason2 #KCL2025 pic.twitter.com/yItyJiWXVq
— Kerala Cricket League (@KCL_t20) September 7, 2025
इन गेंदबाजों ने किया कमाल
बल्लेबाजों के बाद कोच्चि के लिए गेंदबाजों ने भी कमाल किया और खिताब दिला दिया. कोच्चि के लिए फाइनल में मुहम्मद आशिक, शैली सैमसन और केएम आसिफ ने 2-2 शिकार किए, जबकि तीन विकेट जेरिन पीएस ने झटके.
फाइनल में क्यों नहीं खेले संजू सैमसन?
संजू सैमसन फाइनल में नहीं खेले, क्योंकि वो इस वक्त यूएई में टीम इंडिया के साथ हैं. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने कोच्चि टीम का साथ छोड़ दिया था और नेशनल ड्यूटी के लिए टीम इंडिया से जुड़ गए थे. वो एशिया कप 2025 में जलवा दिखाते नजर आएंगे, जिसका आगाज 9 सितंबर से होने जा रहा है.
🐯💥 HISTORY MADE! 💥🐯
— Kochi Blue Tigers (@Kochibluetigers) September 7, 2025
The Tigers dominate the final → 181/8 vs 106/10 💪
A thundering 75-run win crowns us as the CHAMPIONS! 🏆💙#KochiBlueTigers #WeAreTheChampions pic.twitter.com/7f5hCWZm23
काम आए संजू के 30 छक्के और 24 चौके
भले ही संजू फाइनल में हिस्सा नहीं थे, लेकिन इस सीजन टीम के लिए उनका प्रदर्शन बेहद खास रहा. उन्होंने सिर्फ 6 मैच में ही 73 की औसत और 186 के स्ट्राइक रेट से 368 रन किए थे, जिसमें 30 छक्के और 24 चौके शामिल थे. टीम को फाइनल तक पहुंचाने में यह रन बेहद काम आए. कई मैच तो संजू ने अकेले के दम पर जिताए थे, लिहाजा टीम फाइनल में पहुंची और चैंपियन भी बनी.
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