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3 मौके जब चेतेश्वर पुजारा ने बल्ले से बचाई टीम इंडिया की लाज, हार के मुंह से बाहर निकालकर खेली यादगार पारी

भारत के दिग्गज खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। पुजारा टीम इंडिया के सबसे महान टेस्ट बल्लेबाजों में से एक रहे हैं और कुछ मौकों पर उन्होंने टीम इंडिया को हार के मुंह से बाहर निकाला है।

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Times Pujara Saved Team India: चेतेश्वर पुजारा ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। पुजारा ने 2010 में टीम इंडिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया था और इसके बाद वो टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजी क्रम का अहम हिस्सा बन गए। चेतेश्वर पिछले 2 साल से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे और अब उन्होंने अपने करियर का अंत कर दिया है। पुजारा ने ऐतिहासिक टेस्ट करियर में बल्ले से कई यादगार पारियां खेलकर टीम इंडिया की लाज बचाई है। आइए 3 मौकों के बारे में बात करते हैं, जब चेतेश्वर ने भारतीय टीम को हार के मुंह से बाहर निकालकर यादगार पारी खेली थी।

1. सिडनी में बचाई थी टीम इंडिया की लाज

2021 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत 1-1 से सीरीज में बराबरी पर था। तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया के सामने 407 रनों का लक्ष्य रख दिया था। भारत को अगर मैच ड्रॉ कराना था, तो 131 ओवर बल्लेबाजी करने की जरूरत थी। पुजारा ने मैच में अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेली। उन्होंने 205 गेंदों का सामना करके 77 रन बनाए। मैच में उन्होंने पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की तीखी बाउंसर्स का सामना किया। वो शारीरिक तौर पर दर्द में भी नजर आए लेकिन हार नहीं मानी। उन्हें हनुमा विहारी का साथ मिला। इस के दम पर टीम इंडिया ने 97 ओवर बल्लेबाजी की और मैच को ड्रॉ करा दिया। टीम इंडिया हार के मुंह में जाने से बच गई।

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2. कोलंबो में जमकर बोला था बल्ला

2015 में श्रीलंका के साथ सीरीज में भारत 1-1 से बराबरी पर था। अगर भारत को सीरीज पर कब्जा करना था, तो आखिरी मैच में जीत की जरूरत थी। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी की और चेतेश्वर पुजारा ने इसी बीच बेहतरीन बल्लेबाजी की। पारी के दौरान किसी भी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज का साथ उन्हें नहीं मिला। अमित मिश्रा ने 59 रन बनाए। पुजारा ओपनिंग करने आए थे और उन्होंने 289 गेंदों में नाबाद 145 रन बनाए। उन्हें श्रीलंकाई गेंदबाज आउट ही नहीं कार पाए। इस पारी के दम पर टीम ने 312 रन बनाए। पुजारा के प्रदर्शन ने टीम को आत्मविश्वास दिलाया और 117 रन से भारत की जीत हुई। पुजारा ने इस पारी से खुद को साबित कर दिया था।

3. 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था कमाल

एडिलेड में 2018 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत हुई थी। पहले मैच में चेतेश्वर पुजारा ने 246 गेंदों में शानदार 123 रन जड़े। उनके अलावा कोई बल्लेबाज 40 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। टीम इंडिया एक समय पर 19 रन पर 3 विकेट खो चुका था लेकिन उनकी पारी के दम पर टीम ने 250 रन बनाए। दूसरी पारी में भी पुजारा ने 71 रन बनाए। उनकी इन पारियों के दम पर भारत ने 31 रन से जीत दर्ज की। पुजारा ने टीम को सीरीज में बढ़त दिलाई और इसी का फायदा भारत को आखिर मिला। टीम इंडिया ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की। इस पारी ने उन्हें मॉर्डन डे में टीम इंडिया का ‘द वॉल’ बना दिया था।

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ये भी पढ़ें:- चेतेश्वर पुजारा ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, टेस्ट क्रिकेट में मचाया था धमाल

First published on: Aug 24, 2025 01:08 PM

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