---विज्ञापन---

Religion

Yashoda Jayanti 2026 Date: यशोदा जयंती कब है? जानिए सही तिथि, धार्मिक महत्व और पूजा विधि विस्तार से

Yashoda Jayanti 2026 Date: यशोदा जयंती भगवान श्रीकृष्ण की पालक माता मैया यशोदा के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है. यह पर्व मां-संतान के अटूट प्रेम का प्रतीक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. आइए जानते हैं, यशोदा जयंती 2026 की सही तारीख, महत्व और पूजा विधि क्या है?

Author
Written By: Shyamnandan Updated: Feb 3, 2026 19:18
Yashoda-Jayanti-2026-Date

Yashoda Jayanti 2026 Date: यशोदा जयंती भगवान श्रीकृष्ण की पालक माता मैया यशोदा के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है. मैया यशोदा वही माता हैं जिन्होंने नन्हे कृष्ण को अपने स्नेह, ममता और प्रेम से पाला-पोसा था. यह पर्व हिंदू धर्म में मां और संतान के पवित्र, निस्वार्थ और अटूट प्रेम का सुंदर प्रतीक माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यशोदा जयंती हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है. आइए जानते हैं, साल 2026 में यह कब मनाई जाएगी, इसका महत्व और पूजा विधि क्या है?

यशोदा जयंती का महत्व

यशोदा जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धालु माता यशोदा की श्रद्धा-भाव से पूजा करते हैं और संतान सुख, पारिवारिक समृद्धि व जीवन में प्रेम-सौहार्द की कामना करते हैं. यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि ममता और वात्सल्य की शक्ति इतनी महान होती है कि वह भगवान श्रीकृष्ण को भी अपने प्रेम के बंधन में बांध सकती है.

---विज्ञापन---

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो महिलाएं इस दिन व्रत रखकर माता यशोदा के साथ बाल-कृष्ण की विधिवत पूजा करती हैं, उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि यशोदा जयंती पर श्रद्धा-भाव से व्रत और पूजन करने से महिलाओं को मातृत्व का आशीर्वाद मिलता है और उनकी संतान को दीर्घायु, अच्छा स्वास्थ्य और सुखी जीवन प्राप्त होता है.

यह भी पढ़ें: Hastrekha Secrets: क्या संकेत देता है हथेलियों को मिलाने पर आधा चांद बनना, ये शुभ संकेत है या चेतावनी, जानें

---विज्ञापन---

यशोदा जयंती 2026 कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, यशोदा जयंती का पर्व प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. वर्ष 2026 में फाल्गुन कृष्ण षष्ठी तिथि का आरंभ 7 फरवरी को रात 01:18 बजे होगा और इसका समापन 8 फरवरी को रात 02:54 बजे होगा. उदयातिथि के नियम के अनुसार, वर्ष 2026 में यशोदा जयंती का पर्व 7 फरवरी को मनाया जाएगा.

यशोदा जयंती की पूजा विधि

यशोदा जयंती के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और माता यशोदा के व्रत का संकल्प मन में लें.
घर के मंदिर या पवित्र स्थान पर चौकी लगाकर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर माता यशोदा के साथ बाल श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.
पूजा के दौरान दीपक, अगरबत्ती, पुष्प, तुलसी दल, चंदन, हल्दी, कुमकुम और नारियल अर्पित करें तथा माता यशोदा को लाल चुनरी चढ़ाएं.
भगवान श्रीकृष्ण और माता यशोदा को माखन-मिश्री का भोग लगाएं, साथ ही फल, दही, खीर और मिठाइयां भी अर्पित करें.
श्रद्धा के साथ दीप जलाकर आरती करें, ‘ॐ कृष्णाय नमः’ मंत्र का जाप करें और यशोदा-कृष्ण की वात्सल्य कथा का स्मरण करें.
दिनभर व्रत रखें, सायंकाल पूजा के बाद फलाहार करें, अन्न से परहेज करें और जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र का दान करें.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Gemstone Wearing Rules: माणिक, हीरा, नीलम हो या पुखराज, रत्न पहनने के बाद भूल से भी न करें ये 5 काम, वरना…

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

---विज्ञापन---
First published on: Feb 03, 2026 07:18 PM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.