Gemstone Wearing Rules: ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार रत्न ग्रहों की ऊर्जा को मजबूत करने का माध्यम माने जाते हैं. माणिक, नीलम, पुखराज, हीरा, मोती और पन्ना जैसे रत्न जीवन में स्थिरता, स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती लाने में सहायक बताए जाते हैं. लेकिन जानकारों का कहना है कि रत्न पहनने के बाद कुछ जरूरी नियमों का पालन न किया जाए, तो इसका असर उल्टा भी हो सकता है. आइए जानते हैं रत्न पहनने के बाद कौन-सी 5 गलतियां भूल से भी नहीं करनी चाहिए, वरना अनिष्ट होने से रोकना मुश्किल हो जाता है?
टूटे रत्न से दूरी है जरूरी
रत्न पहनने के बाद उसकी नियमित जांच जरूरी मानी जाती है. अगर रत्न में दरार आ जाए या वह चटक जाए, तो उसे तुरंत उतार देना चाहिए. ज्योतिषीय मान्यता है कि खंडित रत्न नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है. इससे मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्या या अचानक नुकसान हो सकता है.
बार-बार उतारने से घटता है असर
रत्न तभी प्रभावी माना जाता है, जब वह लगातार शरीर के संपर्क में रहे. सोते समय या रोजमर्रा के कामों में बार बार रत्न उतारने से उसकी ऊर्जा कमजोर होने की बात कही जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार रत्न केवल विशेष परिस्थितियों में ही उतारना चाहिए.
दूसरे का रत्न पहनना नुकसानदेह
ज्योतिष में रत्न को व्यक्तिगत ऊर्जा से जुडा बताया गया है. किसी और का पहना हुआ रत्न पहनना या अपना रत्न किसी को देना उचित नहीं माना जाता. ऐसा करने से दूसरे व्यक्ति की ऊर्जा का असर अपने जीवन पर पड सकता है.
खान पान का रखें ध्यान
सात्विक रत्न पहनने वालों के लिए शुद्ध जीवनशैली पर जोर दिया जाता है. मांस, मदिरा या नकारात्मक कार्यों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. अशुद्ध अवस्था में रत्न पहनना ग्रह दोष बढाने वाला माना जाता है.
विपरीत ग्रहों के साथ न पहनें रत्न
कई लोग एक साथ कई रत्न पहन लेते हैं, जो ज्योतिष अनुसार सही नहीं माना जाता. जैसे नीलम और माणिक या पुखराज और हीरा एक साथ पहनना ग्रहों के टकराव की स्थिति बना सकता है. इससे जीवन में अस्थिरता आ सकती है.
सही दिन और विधि भी है अहम
रत्न पहनने के लिए सही दिन, धातु और उंगली का चयन भी जरूरी बताया जाता है. बिना जानकारी के रत्न पहनना अपेक्षित लाभ नहीं देता. इसलिए ज्योतिष सलाह को महत्वपूर्ण माना जाता है.
देखभाल से बना रहता है प्रभाव
रत्न को साफ रखना और समय समय पर शुद्ध करना भी जरूरी माना गया है. गंदा या उपेक्षित रत्न धीरे धीरे अपनी प्रभावशीलता खो सकता है. यही कारण है कि रत्न को सम्मान के साथ पहनने की सलाह दी जाती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.