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Vyatipat Dosha Upay: सूर्य-चंद्र बना रहे हैं विनाशकारी व्यतिपात योग, इन अचूक उपायों से टालें बड़ा संकट

Vyatipat Dosha Upay: ज्योतिष में व्यतिपात योग को अत्यंत अशुभ और विनाशकारी माना गया है, जो सूर्य-चंद्र के 180° विपरीत होने से बनता है. 7 फरवरी रात 9:37 से 8 फरवरी 2:17 तक यह योग रहेगा. आइए जानते हैं, इस दौरान क्या अचूक उपाय करने और सावधानियां बरतने से से संकट सकता है?

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Vyatipat Dosha Upay: ज्योतिष में व्यतिपात योग को एक बहुत ही संवेदनशील और शक्तिशाली समय माना जाता है. यह योग तब बनता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच 180° का अंतर होता है, यानी ये एक-दूसरे के सीधे विपरीत राशियों में स्थित होते हैं. इस समय ग्रहों की ऊर्जा बहुत तीव्र हो जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार सूर्य और चंद्रमा शनिवार 7 फरवरी को रात 09:37 बजे से व्यतिपात योग बना रहे हैं, जो रविवार 8 फरवरी को सुबह 02:17 बजे तक रहेगा.

व्यतिपात योग ज्योतिष के 27 नित्य योगों में 17वां योग है और इसे अत्यंत अशुभ और विनाशकारी माना जाता है. इसे 8 महारोग योगों में से एक माना गया है, क्योंकि इससे जीवन में अशांति, संघर्ष, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और कामों में रुकावट आती है. इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय, नया कार्य या जोखिम भरे कदम लेने से बचना चाहिए. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन सूर्य-चंद्र के विनाशकारी व्यतिपात योग के बुरे असर से बचने के लिए व्यक्ति को उपाय जरूर करने चाहिए, ताकि बड़े संकटों को टाला जा सके.

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करें ये उपाय

श्रीमद्भागवत गीता के 11वें अध्याय का पाठ

व्यतिपात योग में श्रीमद्भागवत गीता के 11वें अध्याय का विश्वरूप दर्शन योग का पाठ सबसे प्रभावी उपाय माना गया है. इसमें वर्णित भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप काल और नकारात्मक शक्तियों को शांत करता है. इसका पाठ या श्रवण भय, अस्थिरता और मानसिक तनाव को कम करता है.

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दूध और काले तिल से शिव अभिषेक

दूसरा उपाय है दूध और काले तिल से भगवान शिव का अभिषेक. व्यतिपात योग सूर्य और चंद्रमा के असंतुलन से बनता है और शिव चंद्रमा तथा काल—दोनों के स्वामी हैं. कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करने से स्वास्थ्य संकट, मानसिक दबाव और कुंडली के महारोग दोष शांत होते हैं.

नमक रहित भोजन और मौन व्रत

तीसरा उपाय है नमक रहित भोजन और मौन व्रत. नमक त्यागने से शरीर की चंचलता कम होती है और मौन रहने से भ्रम व गलत निर्णयों से बचाव होता है. यह उपाय आत्मशुद्धि और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Feb 07, 2026 08:41 PM

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Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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