Sawan Kalashtami 2026 Today: सावन कालाष्टमी का व्रत 5 अगस्त 2026 दिन बुधवार को रखा जाएगा. यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की पूजा के लिए खास होता है. सावन महीना शिव पूजा के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. ऐसे में कालाष्टमी व्रत का महत्व और अधिक बढ़ गया है. सावन कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा करने से जीवन में चल रहे संकटों से मुक्ति मिलती है. भय से मुक्ति पाने, शत्रुओं पर विजय हासिल करने और नकारात्मक ऊर्जा के नाश के लिए आप कालाष्टमी व्रत अवश्य करें.
सावन कालाष्टमी व्रत शुभ मुहूर्त (Sawan Kalashtami 2026 Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त- 04:20 ए एम से 05:02 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04:41 ए एम से 05:45 ए एम
गोधूलि मुहूर्त- 07:09 पी एम से 07:30 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 07:09 पी एम से 08:13 पी एम
निशिता मुहूर्त- 12:06 ए एम से 12:48 ए एम, 06 अगस्त
कालाष्टमी व्रत की पूजा के लिए निशिता काल का समय उत्तम माना जाता है. भक्त रात्रि निशिता काल या शाम के समय प्रदोष काल में काल भैरव भगवान की पूजा कर सकते हैं. निशिता मुहूर्त रात को 12 बजकर 6 मिनट से लेकर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. प्रदोष काल का समय शाम को करीब 7 बजे से लेकर 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा.
सावन कालाष्टमी व्रत पूजा विधि (Sawan Kalashtami Puja Vidhi)
सावन कालाष्टमी के दिन सुबह उठकर स्नान कर साफ वस्त्र पहन लें. इसके बाद पूजा स्थान की साफ-सफाई कर शिव जी और काल भैरव की प्रतिमा स्थापित करें. प्रतिमा के समक्ष दीप और धूप जलाएं. भगवान को फूल, अक्षत, रोली और कुमकुम आदि अर्पित करें. काल भैरव की पूजा के लिए प्रदोष काल और निशिता काल का समय अच्छा होता है. भक्त शाम के समय शुभ मुहूर्त में दोबारा स्नान करने के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें. काल भैरव भगवान की पूजा में काले तिल और उड़द चढ़ाएं. कुत्ते को भोजन कराएं और जरूरतमंद लोगों को काले कपड़े का दान करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.