Kajari Teej 2026 Date: पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत, सुखी वैवाहिक जीवन के लिए कजरी तीज का व्रत रखा जाता है. कजरी तीज को कई स्थानों पर सातुड़ी तीज और कजली तीज के नाम से भी जानते हैं. कजरी तीज का व्रत कब रखा जाएगा? इसकी तारीख को लेकर अटकलें चल रही हैं. आइये कजरी तीज व्रत की तारीख, विधि और पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं.
कब है कजरी तीज व्रत? (Kajari Teej Kab Hai)
कजरी तीज का व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में की तृतीया तिथि को रखा जाता है. कजरी तीज व्रत की तिथि यानी भाद्रपद कृष्ण पक्ष तृतीया का आरंभ 30 अगस्त 2026 की सुबह 9 बजकर 36 मिनट पर होगा. तृतीया तिथि का समापन अगले दिन 31 अगस्त 2026 की सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर होगा. उदयातिथि को महत्व देते हुए कजरी तीज व्रत 31 अगस्त 2026 सोमवार को रखा जाएगा.
कजरी तीज व्रत शुभ मुहूर्त (Kajari Teej Shubh Muhurat)
कजरी तीज व्रत की पूजा अभिजीत मुहूर्त और शाम को प्रदोष काल में कर सकते हैं. अभिजीत मुहूर्त 31 अगस्त की दोपहर 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद 1 से डेढ़ घंटे का होगा. भक्त इस मुहूर्त में कजरी तीज व्रत की पूजा करें. यह समय कजरी तीज पूजा के लिए उत्तम माना जाता है.
कजरी तीज व्रत पूजा विधि (Kajari Teej Puja Vidhi)
कजरी तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. सुबह जल्दी उठने के बाद स्नान कर साफ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें. पूजा स्थान की सफाई कर माता पार्वती और शिव जी की प्रतिमा स्थापित करें. भगवान की प्रतिमा के समक्ष दीप और धूप जलाएं. रोली, हल्दी, मेहंदी, काजल और अक्षत अर्पित करें माता पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाएं. मिठाई और फल का भोग लगाएं और आरती कर पूजा संपन्न करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.