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Vidur Niti: एक बार हाथ से जाएं ये 5 चीजें तो नहीं मिलती दोबारा, आज ही पहचानें वरना पड़ेगा भारी

Vidur Niti: महात्मा विदुर के अनुसार जीवन की सबसे कीमती चीज समय है. क्या आप जानते हैं कि एक बार खोया समय फिर कभी नहीं लौटता है? रोजमर्रा में छोटे कामों में फंसकर क्या आप भी 5 बड़ी अवसरें गंवा रहे हैं? आइए इन्हें आज ही पहचानें और हर काम को बुद्धिमानी से करें.

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Vidur Niti: महाभारत काल में महात्मा विदुर को उनके ज्ञान और बुद्धिमत्ता के लिए जाना जाता था. वे केवल नीति और धर्म के ज्ञाता नहीं थे, बल्कि उन्होंने जीवन के हर पहलू में व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया. महात्मा विदुर का मानना था कि जीवन में सबसे कीमती चीज आपका समय है. एक बार जो समय निकल गया, वह कभी वापस नहीं आता. रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीज़ों में फंसे रहने से बड़ी अवसरें हाथ से निकल जाती हैं. इसलिए हर काम को टालने के बजाय अभी करना ही सबसे बुद्धिमानी भरा कदम है. समय की कद्र करने वाले लोग ही जीवन में स्थिर और सफल बनते हैं.

भरोसे की अहमियत

रिश्तों की नींव भरोसे पर टिकी होती है. विदुर निति में स्पष्ट कहा गया है कि एक बार टूटा हुआ भरोसा फिर पहले जैसा नहीं रह सकता. लोग गलतियों को माफ कर सकते हैं, लेकिन खोए भरोसे को वापस पाना बहुत मुश्किल है. इसलिए रिश्तों में हमेशा ईमानदारी और सच्चाई बनाए रखना जरूरी है. छोटे-छोटे झूठ या छल भी लंबे समय में संबंधों को कमजोर कर सकते हैं.

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जुबान का असर

विदुर जी कहते थे कि शब्द तीर की तरह होते हैं. एक बार कहे गए कठोर शब्द दिलों पर गहरी चोट छोड़ सकते हैं. गुस्से में कही गई बातें रिश्तों में दरार ला सकती हैं. इसलिए किसी से भी बात करने से पहले सोच लेना चाहिए. शांत और संयमित भाषा से आप अपने संबंधों को मजबूत और स्थायी बना सकते हैं.

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अवसरों का महत्व

जीवन में कई मौके आते हैं, लेकिन हर अवसर बार-बार नहीं मिलता. जो व्यक्ति अवसरों को पहचान कर सही समय पर निर्णय लेता है, वही आगे बढ़ता है. जो केवल सोचता रहता है और काम नहीं करता, वह कई मौकों को खो देता है. इसलिए सक्रिय रहना और समय का सही उपयोग करना बेहद जरूरी है.

सीखने और बदलने की कला

महात्मा विदुर के अनुसार, समय, भरोसा, शब्द और मौके केवल हाथ में रहते हुए ही उपयोगी हैं. इन्हें गंवाने के बाद पछतावा ही बचता है. जीवन में लगातार सीखते रहना, सुधारते रहना और हर पल की कद्र करना सफलता की कुंजी है. सही दिशा में छोटे-छोटे कदम ही बड़े बदलाव लाते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Mar 23, 2026 05:39 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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