Hariyali Teej and Hartalika Teej 2026: अंखड सौभाग्य की प्राप्ति, पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए हरियाली तीज और हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है. यह व्रत कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए भी करती हैं. दोनों ही व्रत माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित हैं. ऐसे में इन दोनों व्रत में अंतर क्या है, इसको लेकर मन में सवाल आता है. हरियाली तीज और हरतालिका तीज व्रत में क्या अंतर है और इस साल दोनों व्रत कब-कब हैं आइये जानते हैं.
हरियाली तीज और हरतालिका तीज में अंतर
हरियाली तीज और हरतालिका तीज के व्रत में तिथि का अंतर है. हरियाली तीज सावन महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. जबकि, हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इन दोनों व्रत की कठोरता को लेकर अलग-अलग नियम है. हरतालिका तीज का व्रत अधिक कठोर माना जाता है. यह निर्जला व्रत रखा जाता है. इस व्रत में अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता है. हरियाली तीज के व्रत में मान्याताओं के अनुसार, जल पीने और फलाहार करने की अनुमति होती है.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज के दिन भगवान शिव ने माता पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था. यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए व्रत करने के लिए खास है. इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें. इसके अलावा हरतालिका तीज व्रत को लेकर मान्यता है कि, इस दौरान माता पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए बिना जल और अन्न ग्रहण किए कठोर तप किया था. यह व्रत महिलाएं बिना अन्न और जल ग्रहण करें रखती हैं.
कब है हरियाली तीज और हरतालिका तीज?
सावन माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 15 अगस्त 2026 को मान्य होगी. 15 अगस्त 2026, दिन शनिवार को हरियाली तीज का व्रत रखा जाएगा. इसके अलावा भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 सितंबर 2026, दिन सोमवार को रखा जाएगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.