---विज्ञापन---

Religion angle-right

Vat Savitri Vrat 2024: वट सावित्री की पूजा इन 2 सामग्रियों से रह सकती है अधूरी, करें ये उपाय

Vat Savitri Vrat 2024: पति की लंबी आयु और आरोग्य के लिए रखा जाने वाला वट सावित्री व्रत हिन्दू सुहागन महिलाओं का एक बहुत महत्वपूर्ण पर्व है। इसमें कई विशिष्ट सामग्रियों से वट वृक्ष की पूजा की जाती हैं। कलावा और बांस का पंखा इनमें काफी महत्वपूर्ण है। यदि ये न उपलब्ध न हों, तो यहां बताए गए ये उपाय करें।

---विज्ञापन---

Vat Savitri Vrat 2024: वट सावित्री की पूजा हिन्दू धर्म की सुहागन महिलाओं के लिए एक बहुत पावन पर्व है। इस पूजा की तैयारी वे हफ्तों पहले से करने लगती हैं। महिलाएं सोलह श्रृंगार कर इस दिन वट वृक्ष की परिक्रमा और मौली बांध कर विशेष पूजा करती हैं, ताकि उनके पति की उम्र लंबी हो, वे स्वस्थ रहें और जीवन में तरक्की करें। इस व्रत की पूजन-सामग्रियों में वट वृक्ष की डाल, भिगोए हुए काले चने, बांस का पंखा और कलावा या मौली सबसे महत्वपूर्ण सामग्रियां हैं। इन चीजों के बिना वट सावित्री की पूजा अधूरी मानी जाती हैं। इस पूजा की बाकी अन्य सामग्रियां, सामान्य पूजन सामग्रियां है, जो आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

कलावा या मौली उपलब्ध न हो तो क्या करें?

कलावा या मौली का वट सावित्री की पूजा में बहुत ज्यादा महत्व है। सुहागन महिलाएं वट वृक्ष के तने में लाल-पीले कलावे को परिक्रमा कर लपेटती हैं और वृक्ष की पूजा करती हैं। मान्यता है कि वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ में मृत्यु के देवता यमराज का वास करते हैं। इसलिए इस वृक्ष की पूजा कर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए उनसे प्रार्थना करती हैं। यदि आपके पास मौली या कलावा नहीं है, तो आप सफेद सूत या कपड़ा सीने वाले धागे को हल्दी या केसर से रंग कर उसका इस्तेमाल वट सावित्री पूजा के लिए कर सकती हैं।

---विज्ञापन---

बांस का पंखा न हो तो क्या करें?

बांस का पंखा भी वट सावित्री पूजा की एक सबसे जरूरी चीज है। कहते हैं, जब सत्यवान मृत्यु के प्रभाव से मूर्छित हो गए थे, तब देवी सावित्री ने उन्हें शीतलता देने के लिए बांस के पंखे से हवा दी थी। इसलिए वट सावित्री पूजा में बांस का पंखा अर्पित करने की परंपरा है। यदि यह सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो आप इसके बदले में कोई भी हाथ पंखा चढ़ा सकती हैं। यदि ये भी नहीं मिल पाई है, तो आप वट वृक्ष की डाल में एक लाल छोटी चुन्नी बांध कर उसे पंखे का रूप दे सकती हैं। इससे भी आपकी विधि पूरी हो जाएगी और आपकी पूजा संपन्न मानी जाएगी।

नोट कर लें संपूर्ण सामग्रियां

यहां वट  अक्षत (अरवा चावल), बांस का पंखा, वट वृक्ष की डाल, कलावा या मौली, मौसमी फल (आम, लीची, खरबूज, तरबूज आदि), लाल-पीले पुष्प माला, भिगोए हुए काले चने, धूपबत्ती या अगरबत्ती, पान के पत्ते, सुपारी, गंगाजल, केले के पत्ते, कपड़े की आसनी, मिट्टी का एक कलश, दीया, रुई की बाती, देसी घी, जल पात्र (तांबे या पीतल का लोटा), सिंदूर, रोली, पिसी हुई हल्दी, मिठाई और मिष्टान्न जैसे खीर, हलवा आदि।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: सावित्री ने क्यों चुना वनवासी सत्यवान को पति? यहीं से शुरू होती है निष्ठा और समर्पण की अनोखी कथा

ये भी पढ़ें: Vat Savitri Vrat 2024: वट सावित्री पूजा में क्यों चढ़ाते हैं बांस का पंखा, जानें कथा और महत्व

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jun 06, 2024 10:17 AM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola