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Vat Savitri Vrat 2024: वट सावित्री पूजा में क्यों चढ़ाते हैं बांस का पंखा, जानें कथा और महत्व

Vat Savitri Vrat 2024: वट सावित्री पूजा में बांस के पंखे का बहुत ज्यादा महत्व है, इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए जानते हैं, इस पूजा में बांस का पंखा क्यों चढ़ाते हैं और इस व्रत का महत्व और कथा क्या है?

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Vat Savitri Vrat 2024: एक सामान्य स्त्री की शक्ति की पराकाष्ठा यदि किसी भारतीय व्रत-त्योहार में देखने को मिलती है, तो वह है वट सावित्री व्रत। पति की लंबी आयु, सुखद और सफल वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत ज्येष्ठ माह में अमावस्या तिथि को किया जाता है। साल 2024 में यह व्रत 6 जून को पड़ रहा है। इस व्रत की पूजन-सामग्रियों में वट वृक्ष की डाल, भिगोए हुए काले चने और बांस के पंखे को छोड़कर अन्य सभी वस्तुएं सामान्य पूजन सामग्रियां है, जो कमोबेश हर पूजा-पाठ में प्रयुक्त होते हैं। आइए जानते हैं कि वट सावित्री पूजन में बांस का पंखा क्यों चढाते हैं और इससे जुड़ी कथा क्या है?

वट सावित्री व्रत की कथा

वट सावित्री व्रत की कथा एक हिन्दू स्त्री के स्वाभिमान, पति के प्रति निष्ठा और बुद्धिमत्ता की कथा है। कथा संक्षेप में यूं है… मद्रदेश की राजकुमारी सावित्री ने अपने पिता अश्वपति की इच्छा के विरुद्ध एक वनवासी व्यक्ति सत्यवान से विवाह किया था, जो केवल एक वर्ष तक ही जीवित रहने वाले थे। जिस दिन सत्यवान की मृत्यु होनी थी, उस दिन सावित्री भी सत्यवान के साथ जंगल गई। जंगल में सत्यवान को सिर दर्द होने पर वे सावित्री की गोद में सिर रखकर लेट गए। तभी यमराज वहां आकर सत्यवान का प्राण अपने पाश में लेकर अपनी दिशा में बढ़ गए।

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सावित्री ने यमराज का पीछा किया। यमराज के बार-बार मना करने और दो वरदान पा लेने के बावजूद सावित्री ने यमराज का पीछा नहीं छोड़ा। अंततः यमराज ने सावित्री से तीसरा वरदान मांगने को कहा। सावित्री ने वरदान मांगा कि वह सत्यवान के संतान की मां बनना चाहती है। अपने वरदान के वचन से बद्ध यमराज को यह वरदान देना पड़ा। वे सावित्री की पति के प्रति निष्ठा, समर्पण और बुद्धिमत्ता से बहुत प्रसन्न हुए और सत्यवान को जीवनदान दे दिया।

वट सावित्री पूजा में क्यों चढाते हैं बांस का पंखा?

जंगल में सिर दर्द होने पर जब सत्यवान सावित्री की गोद में सिर रख लेटे हुए थे, तब सावित्री ने ज्येष्ठ माह की गर्मी से सत्यवान को शीतलता देने के लिए जिस पंखे से हवा दी थी, वह बांस से बना हाथ पंखा था। इस कथा की समृति में सुहागिनें बांस का पंखा चढ़ाकर इस घटना का का सम्मान करती हैं और अपने पति की दीर्घायु होने का आशीर्वाद मांगती हैं।

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बांस के पंखे का प्रतीकात्मक महत्व

बांस प्रकृति में तेजी से बढ़ने वाला पौधा है, जो सृजन का प्रतीक है। वहीं बांस का पंखा जीवन के चक्र का प्रतीक होने के साथ-साथ नम्रता, सरलता और शीतलता का भी प्रतीक है। वट सावित्री व्रत पूजन में बांस के पंखे को चढ़ाना सावित्री के त्याग और पतिव्रता होने की याद दिलाता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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First published on: May 31, 2024 09:29 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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