---विज्ञापन---

Religion angle-right

सावित्री ने क्यों चुना वनवासी सत्यवान को पति? यहीं से शुरू होती है निष्ठा और समर्पण की अनोखी कथा

Savitri Satyavan Katha: सावित्री और सत्यवान की कथा बहुत अनोखी है, जो किसी और संस्कृति में नहीं मिलती है। वट सावित्री व्रत के मौके पर आइए जानते हैं कि सावित्री ने एक वनवासी सत्यवान को अपना पति क्यों चुना? यदि सावित्री ने सत्यवान को पति नहीं चुना होता, तो हम निष्ठा और समर्पण की अनोखी कथा से वंचित रह जाते।

---विज्ञापन---

Savitri Satyavan Katha: सावित्री मद्रदेश की राजकुमारी थी। राजा अश्वपति उनके पिता थे। विवाह योग्य होने पर राजा ने सावित्री के लिए एक योग्य वर की बहुत तलाश की, लेकिन कोई उसे सावित्री के लिए योग्य न लगा। तब उन्होंने सावित्री से खुद उसे अपना वर चुनने को कहा। एक दिन गौतम ऋषि के आश्रम में सावित्री ने सत्यवान को देखा, जो जंगल से लकड़ियां लेकर आ रहे थे। सावित्री सत्यवान पर मोहित हो गई और मन ही मन उसे पति मान लिया। सावित्री ने अपनी पसंद राजा अश्वपति को बताई। राजा ने नारद जी से इस विवाह का भविष्य जानना चाहा, तो नारद जी ने बताया कि सत्यवान की आयु केवल एक साल की बची है, फिर उसकी मृत्यु हो जाएगी। राजा ने सावित्री को समझाया कि वह सत्यवान से विवाह का विचार त्याग दे।

सावित्री के उत्तर से निरुत्तर हुए राजा

अपने पिता राजा अश्वपति के आग्रह पर सावित्री ने जो उत्तर दिया, वह सावित्री के चरित्र की श्रेष्ठता और विचार की शुभता को भलीभांति उजागर करता है। सावित्री ने अपने पिता से कहा कि जिस व्यक्ति को उसने अपना पति मान लिया है, अब उसकी आयु चाहे जितनी हो, इससे उसके निर्णय पर फर्क नहीं पड़ता है, वह उन्हीं से विवाह करेगी। इस उत्तर के आगे राजा अश्वपति निरुत्तर हो गए। सावित्री के इस निर्णय ने ही सावित्री और सत्यवान की अनोखी पौराणिक कथा को जन्म दिया।

---विज्ञापन---

सावित्री ने इसलिए चुना सत्यवान को पति

सावित्री को पता था कि सत्यवान का जीवन अल्पायु है। शायद कोई और स्त्री होती तो वह अपने निर्णय पर एक बार जरूर पुनर्विचार करती। लेकिन सावित्री ने खुद को सत्यवान की पत्नी और उन्हें अपना पति मान लिया था। इसकी घोषणा उन्होंने अपने पिता के सामने भी कर दिया था। अब विवाह तो केवल कहने भर को एक रस्म मात्र थी। इसलिए सावित्री ने एक पत्नी के कर्तव्य को निभाने के लिए अपना सब कुछ त्याग कर वनवासी सत्यवान से विवाह किया। इसके बाद की निष्ठा और समर्पण की अनोखी कथा तो सभी जानते हैं कि किस प्रकार सावित्री ने यमराज से अपने पति के प्राण वापस करवाए।

प्रेम और समर्पण की पराकाष्ठा है सावित्री-सत्यवान कथा

सत्यवान को देखते ही सावित्री को सत्यवान के प्रति आकर्षण और गहरा प्रेम हो गया था। वे सत्यवान की सरलता, ईमानदारी और सदाचार से प्रभावित थीं। उनके पिता द्युमत्सेन भी एक राज्य के राजा थे। लेकिन एक युद्ध में राजा और उनकी पत्नी अंधे हो गए थे और राजपाट हार गए थे। इसके बाद से वे गौतम ऋषि के आश्रम में रहते थे। यहां सत्यवान जंगल से लकड़ियां काटकर अपना गुजारा करते थे और अपने माता-पिता की सेवा करते थे। सत्यवान नीतिमान और कर्मठ व्यक्ति थे। सत्यवान के इन गुणों से सावित्री बहुत प्रभावित हुई थीं और उसने सत्यवान को अपना पति मान लिया।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: वट सावित्री के दिन दोपहर 1:30-3:00 बजे तक नहीं है पूजा का योग, जानें शुभ मुहूर्त

ये भी पढ़ें: कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए ज्येष्ठ अमावस्या पर करें 5 महाउपाय

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jun 04, 2024 05:16 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola